For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

हो नहीं आक्रांत,
समर्पण भाव पर
सुर्ख आह्लाद की
जो छाप है,
भाव उन्नत उपजते
बुद्धि उर्वर,विवेक में
समृद्ध मनन का निवास है,
ना विकलता,
उर में यदि
धवल शान्ति का
प्रकाश विद्यमान है,
जीवन्तता
निरन्त चक्र सम
चैतन्यता
रग-रग मे तुम्हारे जो व्याप्त है,
तो समझ लो
हे आत्मन्!
ये तुम्हारा ही नहीं
राष्ट्र का उत्थान है।
स्व से उठकर
'पर' पर जो तुम्हारा राग है,
ध्वज तुम्ही हो,आन और...
राष्ट्र-गौरवगान हो।
-विन्दु
(मौलिक/अप्रकाशित)

Views: 739

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Vindu Babu on August 29, 2013 at 11:32am
आदरणीय सौरभ सर नमस्कार!
आपकी अनुमोदक टिप्पणी ने रचना का बहुत महत्व बढाया है।
स्नेह बनाए रखें आदरणीय।
सादर

सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on August 26, 2013 at 1:56pm

व्यष्टि का समुच्चय ही समष्टि है यदि साहचर्य समुन्नत अवस्था में हो. इसी समष्टि भाव का भौतिक प्रतीक ध्वज होता है. ध्वज अवधारणा है नकि मात्र निरुपण. इसी अवधारणा को प्रस्तुत करती आपकी प्रस्तुत रचना भली लगी. 

तनिक और खोलतीं तो कविता और कुछ कहती.

बहरहाल, आपको आपके प्रयास केलिए हार्दिक बधाइयाँ. शुभेच्छाएँ

Comment by Vindu Babu on August 21, 2013 at 7:07pm
आदरणीया गीतिका जी आप जैसे विज्ञों से तो (बहुत सुन्दर रचना के अतिरिक्त भी) कुछ सुधारात्मक टिप्पणी की सादर अपेक्षा करती हूं।
आपकी बहुमूल्य टिप्पणी के लिए आपका बहुत आभार!
स्नेह बनाए रखें।
सादर
Comment by Vindu Babu on August 21, 2013 at 7:00pm
आदरणीय राजनवादवी जी आपकी बहुमूल्य टिप्पणी शिरोधार्य है।
आदरणीय मुझे ज्यादा अनुभाव नहीं,निवेदन है महोदय 'विन्यास के गठाव' के बारे में कुछ बताएं।
सादर प्रतीक्षा में
वन्दना
Comment by Vindu Babu on August 21, 2013 at 7:00pm
आदरणीय राजनवादवी जी आपकी बहुमूल्य टिप्पणी शिरोधार्य है।
आदरणीय मुझे ज्यादा अनुभाव नहीं,निवेदन है महोदय 'विन्यास के गठाव' के बारे में कुछ बताएं।
सादर प्रतीक्षा में
वन्दना
Comment by Vindu Babu on August 21, 2013 at 6:58pm
आदरणीय राजनवादवी जी आपकी बहुमूल्य टिप्पणी शिरोधार्य है।
आदरणीय मुझे ज्यादा अनुभाव नहीं,निवेदन है महोदय 'विन्यास के गठाव' के बारे में कुछ बताएं।
सादर प्रतीक्षा में
वन्दना
Comment by वेदिका on August 21, 2013 at 6:56pm

बहुत खूबसूरत रचना आदरणीया वन्दना जी!

बधाई !! सादर !!

Comment by Vindu Babu on August 21, 2013 at 6:55pm
आदरणीया अन्नपूर्णा जी,आदरणीय श्यामनारायण जी,आदरणीय रविकार जी,आदरणीयराम शिरोमणि जी सहित आप सभी को पावन पर्व रक्षाबन्धन की ढेरों शुभकामनाएं।
आपकी बधाइयां मुझे हार्दिक प्रसन्नता के साथ स्वीकार्य हैं,आपलोग भी मेरा सादर धन्यवाद स्वीकारें।
सादर
Comment by Vindu Babu on August 21, 2013 at 6:50pm
आदरणीय निकोर सर नमस्ते!
आपको मैं अतुकान्त रचनाओं के महारथी मानती हूं,कुछ सुधार सुझाएं महोदय तो मेरी रचनाओं मेभी कुछ निखार आ सके।
आपने रचना का अनुमोदन किया इसके लिए आपका बहुत आभार
सादर
Comment by vijay nikore on August 20, 2013 at 5:00pm

//भाव उन्नत उपजते
बुद्धि उर्वर,विवेक में
समृद्ध मनन का निवास है,
ना विकलता,
उर में यदि
धवल शान्ति का
प्रकाश विद्यमान है,//

रचना सदैव समान अति सुन्दर भावों से सुसज्जित है, आदरणीया वंदना जी।

सादर,

विजय निकोर

 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 177

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
10 minutes ago
Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-184

आदरणीय साहित्य प्रेमियो,जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर…See More
20 minutes ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"नीलेश भाई के विचार व्यावहारिक हैं और मैं भी इनसे सहमत हूँ।  डिजिटल सर्टिफिकेट अब लगभग सभी…"
yesterday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सादर नमस्कार, अब तक आए सभी विचार पढ़े हैं। अधिक विचार आयोजन अवधि बढ़ाने पर सहमति के हैं किन्तु इतने…"
Friday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"इन सुझावों पर भी विचार करना चाहिये। "
Thursday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"यह भी व्यवहारिक सुझाव है। इस प्रकार प्रयोग कर अनुभव प्राप्त किया जा सकता है। "
Thursday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"हाल ही में मेरा सोशल मीडिया का अनुभव यह रहा है कि इस पर प्रकाशित सामग्री की बाढ़ के कारण इस माध्यम…"
Thursday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"आदरणीय प्रबंधन,यह निश्चित ही चिंता का विषय है कि विगत कालखंड में यहाँ पर सहभागिता एकदम नगण्य हो गयी…"
Thursday
amita tiwari posted a blog post

निर्वाण नहीं हीं चाहिए

निर्वाण नहीं हीं चाहिए---------------------------कैसा लगता होगाऊपर से देखते होंगे जबमाँ -बाबाकि…See More
Tuesday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . .अधर

दोहा पंचक. . . . . अधरअधरों को अभिसार का, मत देना  इल्जाम ।मनुहारों के दौर में, शाम हुई बदनाम…See More
Tuesday
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सभी सदस्यों को सादर सप्रेम राधे राधे सभी चार आयोजन को को दो भागों में विभक्त किया जा सकता है। ( 1…"
Tuesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"चर्चा से कई और पहलू, और बिन्दु भी, स्पष्ट होंगे। हम उन सदस्यों से भी सुनना चाहेंगे जिन्हों ने ओबीओ…"
Monday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service