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इजहारे मुहब्बत

इजहारे मुहब्बत

प्यार करना पहिले हिम्मत का काम था

दर्दे दिल लेना मुहब्बत का नाम था

बर्षो करते थे केवल दीदार

हो नहीं पता था प्यार का इजहार

जब चारो और फ़ैल जाती थी, प्यार की खुशबु

फिर भी जुबान से नहीं निकलता था, आई लव यु

अब इश्क की खातिर बक्त जाया न कीजिये

बस किसी को एक मिस्काल कीजिये

कॉलबेक आये तो आप हो जाये अश्बस्त

न आये तो माने उस लाइन की सारी लाएने हे ब्यस्त

जव काम न चले नैन सुख में

 तो सर्च करें आप उसे फेसबुक में

तुरंत भेजें दें फ्रेंड रिक्वेस्ट

 कन्फर्म होने पर करें रियेक्ट 

फिर प्यारा सा एक मेसेज सेन्ड कीजिये

आये रिप्लाई तो सेव कीजिये

पहिले मित्रता का रखे प्रस्ताव

इश्क की चोपर पे फेके दिल का दाव

साबधानी बरते इजहारे प्यार में

प्यार का इजहार करे प्यार के त्यौहार में

अधिकारिक त्यौहार आते साल में दो बार

फ्रेन्ड्सिप डे बेलिंनटैन डे पर निकाले दिल के गुबार

बात बन जाये तो धमाल कीजिये

नहीं तो किसी और को मिस्काल कीजिये

             डॉ. अजय आहात

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Comment

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सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on December 17, 2012 at 9:44am

ओ बी ओ पर नए गुर सिखा रहे हैं हाहाहा 

Comment by अरुन 'अनन्त' on December 16, 2012 at 1:07pm

सर कोशिश काबिले तारीफ है, परन्तु रचना निखर कर नहीं आयी


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on December 16, 2012 at 10:04am

डॉ साहब क्वांटिटी के चक्कर में आप क्वालिटी से समझौता क्यों कर रहे हैं ?

Comment by Anwesha Anjushree on December 15, 2012 at 4:32pm

:) sach,,,badalte waqt ke sath badle rishte...dil ko chhu gayi....

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