For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

स्वतंत्रता दिवस पर बिशेष (जोश-ओ-जनूँ की हद) रिपोर्ट : दीपक शर्मा 'कुल्लुवी'

स्वतंत्रता दिवस पर बिशेष
(जोश-ओ-जनूँ की हद)
रिपोर्ट : दीपक शर्मा 'कुल्लुवी'
जोश-ओ-जनूँ की हद ही नहीं
हौंसलों की अजब है उड़ान
अरमान वतन की खुशियों का
देश भक्ति के  जज़्वात........
मेरा यह शे-र डी०डी०ए० फ्लैट्स कालका जी में अपनें भरे पूरे परिवार के साथ रहने वाली वयोवृद्ध श्रीमति प्रकाशकौर जी के ऊपर सटीक बैठता है जिन्हें मुहल्ले के सभी लोग प्यार से 'आंटी' कहते हैं और आंटी जी कई बरसों से लगातार तिरंगा झंडा फहराती रही  हैं ऐसा जोश-ओ-जनूँ आजकल के दौर में बहुत कम देखनें को मिलता है I
कल मुझे स्वतंत्रता दिवस के पावन मौके पर 'हिमवंती' के स्पैशल कोरसपोंडैन्ट (विशेष प्रतिनिधि) की हैसियत से कार्यक्रम में शिरकत करने का न्यौता मिला था वहां श्री नरेंद्र कुमार जी नें मेरा और मेरी धर्मपत्नी 'कुमुद' का वैच लगाकर व तिरंगा पट्टी  ओहढ़ा   कर  गर्मजोशी से स्वागत किया उसके बाद श्रीमति प्रकाशकौर जी नें हमारे हिन्दोस्तान की आन,वान,शान प्यारा तिरंगा झंडा फहराया I उसके बाद सबनें मिलकर सुर से सुर मिलकर राष्ट्रीय गीत 'सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा' गाया I
फिर शुरू हुआ रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम जिसमें स्वर्ण सिंह जी नें भजन,श्रीमति प्रकाशकौर जी मधुर आवाज़ में शब्द, श्री नरेंद्र कुमार जी नें देश भक्ति गीत मैनें और कुमुद नें अपना लिखा एक देश भक्ति गीत '15 अगस्त आया मिलके झूमों नाचो गाओ' और एक पंजाबी गीत 'सतगुरु आओ जी वाहे गुरु आओ जी सुनाया' सबनें हमारा भरपूर साथ दिया I रौशन जी नें वॉयलिन पर मीठी मीठी धुनें सुनकर प्रोग्राम में चार चाँद लगा दिए I
प्रोग्राम में अनेक गणमान्य बिभूतियाँ उपस्थित थी जिनमें प्रमुख थे सरदार मंजीत सिंह जी,श्रीमति अनुराघा जी,श्रीमति सरोज सिंह श्रीमति राज, श्री शेखर जी,श्री अमर सिंह जी,जतिन,प्रिया सिंह,दीपाली इनके अलावा डी०डी०ए० फ्लैट्स कालका जी के कई बच्चे व् लोग उपस्थित थे I
कार्यक्रम पश्चात श्री नरेंद्र कुमार जी और उनकी धर्मपत्नी श्रीमति 'रंजना' जी नें सबको शानदार नाश्ता परोसा और मुझे यह बतलाया गया की ऐसा यह हर साल ही करते हैं I कार्यक्रम समाप्ति के बाद शुरू हो गया पतँग वाजी का रोमांचक दौर जो देर शाम तक चला और सभी ने इसका भरपूर आनंद लिया I

Views: 615

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Deepak Sharma Kuluvi on August 17, 2012 at 4:50pm

THANKYOU VERY MUCH REKHA JI

Comment by Rekha Joshi on August 17, 2012 at 12:56pm

जोश-ओ-जनूँ की हद ही नहीं

हौंसलों की अजब है उड़ान
अरमान वतन की खुशियों का
देश भक्ति के  जज़्वात.,श्री मति प्रकाश कौर जी [आंटी जी ]के देश भक्ति के ज़ज्बातो को नमन ,यही जज्बा हर भारतवासी के दिल में होना चाहिए ,  दीपक जी देश भक्ति के इस जज्बातों को सांझा पर आभार 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . . प्यार

दोहा सप्तक. . . . प्यारप्यार, प्यार से माँगता, केवल निश्छल प्यार ।आपस का विश्वास ही, इसका है आधार…See More
20 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई चेतन जी, उत्साहवर्धन व स्नेह के लिए आभार।"
yesterday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय "
yesterday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ.लक्ष्मणसिह धानी, 'मुसाफिर' साहब  खूबसूरत विषयान्तर ग़ज़ल हुई  ! हार्दिक …"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई चेतन जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर मुक्तक हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"
Sunday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"ग़ज़ल   बह्र ए मीर लगता था दिन रात सुनेगा सब के दिल की बात सुनेगा अपने जैसा लगता था…"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'

बदला ही राजनीति के अब है स्वभाव में आये कमी कहाँ  से  कहो  फिर दुराव में।१। * अवसर समानता का कहे…See More
Saturday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
" दोहा मुक्तक :  हिम्मत यदि करके कहूँ, उनसे दिल की बात  कि आज चौदह फरवरी, करो प्यार…"
Saturday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"दोहा एकादश. . . . . दिल दिल से दिल की कीजिये, दिल वाली वो बात । बीत न जाए व्यर्थ के, संवादों में…"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"गजल*****करता है कौन दिल से भला दिल की बात अबबनती कहाँ है दिल की दवा दिल की बात अब।१।*इक दौर वो…"
Saturday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service