For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

आदमी क्यों इस क़दर मग़रूर है।

क्यों वह ताक़त के नशे में चूर है
आदमी क्यों इस क़दर मग़रूर है।

गुलसितां जिस में था रंगो नूर कल 
आज क्यों बेरुंग है बेनूर है।

मेरे अपनों का करम है क्या कहूं
यह जो दिल में इक बड़ा नासूर है।

जानकर खाता है उल्फ़त में फरेब
दिल के आगे आदमी मजबूर है।

उसको "मजनूँ" की नज़र से देखिये
यूँ लगेगा जैसे "लैला" हूर है।

आप मेरी हर ख़ुशी ले लीजिये
मुझ को हर ग़म आप का मंज़ूर है।

जुर्म यह था मैं ने सच बोला "सिया"
आज हर अपना ही मुझ से दूर है।

Views: 733

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by AVINASH S BAGDE on October 16, 2011 at 3:25pm


जानकर खाता है उल्फ़त में फरेब
दिल के आगे आदमी मजबूर है.......siyochit gazal hai...nice..

Comment by Er. Ambarish Srivastava on October 2, 2011 at 7:26pm

//मेरे अपनों का करम है क्या कहूं
यह जो दिल में इक बड़ा नासूर है।//


खूबसूरत शेर ! शानदार अशआर, इस बेहतरीन ग़ज़ल के लिए बहुत बहुत बधाई सियाजी !

Comment by Abhinav Arun on October 2, 2011 at 3:17pm

मेरे अपनों का करम है क्या कहूं
यह जो दिल में इक बड़ा नासूर है।
बहुत बढ़िया ग़ज़ल .हर शेर शानदार .बहुत बहुत बधाई !!

Comment by Kailash C Sharma on September 20, 2011 at 7:10pm

मेरे अपनों का करम है क्या कहूं
यह जो दिल में इक बड़ा नासूर है।

...बहुत ख़ूबसूरत गज़ल. हरेक शेर बहुत उम्दा.

Comment by DR SHRI KRISHAN NARANG on September 20, 2011 at 4:41pm

Bahut hi sunder gazal bani hai. Jurm yeh tha main ne sach bola siya, aaj har apna hi mujh se door hai.  meri ore se aap ko abhivaadan.

Comment by Shanno Aggarwal on September 19, 2011 at 10:04pm

सिया, गजल बहुत सुंदर है..आप बहुत ही सुंदर लिखती हो...जिंदगी की कड़वी सचाई पर निर्भीकता से..बधाई है आपको.

Comment by siyasachdev on September 19, 2011 at 4:39pm

janab वीनस केशरी ji bahut bahut shukria.aapne pasand farmaya uske liye bahut shukraguzaar hun.nawazish hain aapki...salamati ho

Comment by siyasachdev on September 19, 2011 at 4:38pm

janab Saurabh Pandey ji...aapne ..pasand farmaya uske liye .tahe dil se shukriyaa ada karte hain aapka ,isse aap qubool farmaae...salamati ho

Comment by siyasachdev on September 19, 2011 at 4:37pm

janab Arun Kumar Pandey 'Abhinav ji..aapake khoobsurat comment ke liye bahut bahut shukria...nawazish hain aapki !!!salamati ho

Comment by siyasachdev on September 19, 2011 at 4:35pm

janab Brij bhushan choubey ji... bahut bahut shukria aapne pasand farmaya uske liye bahut shukraguzaar hun.nawazish hain ..salamati ho

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Awanish Dhar Dvivedi posted a blog post

माँ

माँ यह शब्द नहींं केवलइस जग की माँ से काया है। हम सबकी खातिर अतिपावन माँ के आँचल की छाया है।१।माँ…See More
17 hours ago
Dayaram Methani replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अगर आप यों घबरा कर मैदान छोड़ देंगे तो जिन्होने एक जुट होकर षड़यन्त्र किया है वे अपनी जीत मानेंगे।…"
21 hours ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अब, जबकि यह लगभग स्पष्ट हो ही चुका है कि OBO की आगे चलने की संभावना नगण्य है और प्रबंधन इसे ऑफलाइन…"
Monday
amita tiwari posted a blog post

बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें

बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें बेगुनाही और इन्साफ की बात क्यों सोचती हैं ये औरतें चुपचाप अहिल्या बन…See More
Friday
amita tiwari commented on amita tiwari's blog post गर्भनाल कब कट पाती है किसी की
" मान्य,सौरभ पांडे जीआशीष यादव जी , , ह्रदय से आभारी हूँ. स्नेह बनाए रखियगा | सौरभ जी ने एक…"
Thursday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on amita tiwari's blog post बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें
"आदरणीया अमिताजी, तार्किकता को शाब्दिक कर तटस्थ सवालों की तर्ज में बाँधा जाना प्रस्तुति को रुचिकर…"
Thursday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी, आपकी प्रस्तुति निखर कर सामने आयी है. सभी शेर के कथ्य सशक्त हैं और बरबस…"
Thursday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय नीलेश भाई, आपका स्वागत है.     करेला हो अथवा नीम, लाख कड़वे सही, लेकिन रुधिर…"
May 14
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय बाग़ी जी एवं कार्यकारिणी के सभी सदस्यगण !बहुत दुखद है कि स्थिथि बंद करने तक आ गयी है. आगे…"
May 13

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय अजय गुप्ता जी, आपकी भावनाओं और मंच के प्रति आपके जुड़ाव को शब्द-शब्द में महसूस किया जा सकता…"
May 13
amita tiwari and आशीष यादव are now friends
May 11
amita tiwari commented on amita tiwari's blog post प्यादे मान लिये जाते हैं मात्र एक संख्या भर
"मान्यवर  सौरभ पांडे जी , सार्थक और विस्तृत टिप्पणी के लिए आभार."
May 11

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service