For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Rajeev Kumar Pandey's Blog (8)

आशिकों को इस कदर दिलदार होना चाहिए

 

 

दिल  लगाना   हमने  सुना   है , एक गुनाह  है  यहाँ  

 सारी  दुनिया  को  फिर तो  गुनाहगार  होना  चाहिए ..

 

 

सुना  है , मजा    है बहुत , महबूब  के  इन्तजार  में  …

Continue

Added by Rajeev Kumar Pandey on October 1, 2011 at 12:33am — 5 Comments

सरदार भगत सिंह के आत्मा की आवाज

सरदार भगत सिंह के आत्मा की आवाज



-----------------------------------------



एक दिन कलम ने आके चुपके से मुझसे ये राज खोला ,



कि रात को भगत सिंह ने सपने में  आकर उससे  बोला,







कहाँ  गया वो  मेरा इन्कलाब कहाँ गया वो  बसंती… Continue

Added by Rajeev Kumar Pandey on May 27, 2011 at 3:30am — No Comments

अजायब घर में रखा हुआ इन्सान

जब गुजर कर सफ़र से थक जाता हूँ मै

तब तब उस गाँव के पुराने घर जाता हूँ  मै ,



गाँव के आम के  बगीचे में जितना हम तोड़ कर फेंक दिया करते थे

उससे  बहुत कम  इस शहर  में पैसे के बराबर   तौल कर के लाता हूँ में  ..



जब भी मिलता हूँ इस  शहर में… Continue

Added by Rajeev Kumar Pandey on May 23, 2011 at 9:51am — No Comments

कल का आज कैसा होगा ?

 

कल का आज कैसा होगा ,

किसी के  सपनो के ताजमहल नही ,

खंडहर जैसा होगा ,

दीवारें खड़ी बेजान सी ,

जाने पहचाने अनजान सी,

उठने से पहले ,

दबने वाले तूफान सी ,

खड़ी होगी अपने जर्जर नीव पर ,

अपने सत्य को मिथ्या बताते ,

जिन्हें देख कर उठेगा प्रश्न ,

कल का आज कैसा होगा,

इस खँडहर नही,

किसी के…

Continue

Added by Rajeev Kumar Pandey on April 13, 2011 at 12:30pm — 2 Comments

बदल गया है आदमी





आज लगता है शायद बदल गया है आदमी ,

अपनी लगाई आग में ही जल गया है आदमी,



कल जिस चीज  की ओर नजर  भी नही फेरता था,

आज  उसी के लिए  ही क्यूँ मचल गया है आदमी  ,



कल तक था जो पत्थरों  की तरह  अडिग ,…

Continue

Added by Rajeev Kumar Pandey on April 13, 2011 at 12:00pm — 2 Comments

देख गमों को मेरे वे मुस्कुराते बहुत हैं,





उनके गमले में खुशबू हैं बिखरे हुए ,

मेरे दामन हैं  काँटों से निखरे हुए ,

वो  मखमल की सेजों पे भी रोते हैं,

चेहरे धूल में हमारे रहते हैं निखरे हुए,



देख गमों को मेरे वे मुस्कुराते बहुत हैं,…

Continue

Added by Rajeev Kumar Pandey on April 12, 2011 at 11:30pm — 1 Comment

मै नारी हूँ

मै नारी हूँ

अक्सर मै इसी सोच में खो जाती हूँ

क्या मुझे वो अधिकार मिला है ?

मै जिसकी अधिकारी हूँ ?

मै नारी हूँ



मनु कि  अर्धांगिनी मै

विष्णु- शिव कि संगिनी मै

मै अक्सर सोचा करती हूँ…

Continue

Added by Rajeev Kumar Pandey on April 12, 2011 at 9:30pm — 6 Comments

मै मरघट में जब जाता हूँ .

 

मै   मरघट  में  जब  जाता  हूँ  ,

 मै  मर-घट  में  मर  जाता  हूँ  ,

 जब  मर  और  घट  न  घट  पाए..

  तो  खुद  ही  मै  घट  जाता  हूँ .//

 

मै  मरघट   को  समझाता  हूँ ,

 कि  …

Continue

Added by Rajeev Kumar Pandey on April 7, 2011 at 10:39am — 1 Comment

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

sushil yadav posted blog posts
Monday
Sushil posted blog posts
Monday
vijay nikore posted a blog post

अनसुने अनकहे के बीच

                        अनसुने अनकहे के बीच.कहे अनसुने-से रहे कुछ जज़्बातउसपर अनकहे एहसासों का…See More
Monday
रोहित डोबरियाल "मल्हार" replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"1 लाख मासिक चाहिए ही क्यों भाई, वर्डप्रेस CRM में वेबसाइट को ट्रांसफर कर दिया जाए, तो सालाना खर्च…"
Oct 15
KALPANA BHATT ('रौनक़') replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"दुःखद"
Sep 29
Profile IconKamran Akmal and sushil yadav joined Open Books Online
Sep 24
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"🌹 OBO के पुनर्गठन एवं पुनर्जीवन के लिए एक सशक्त अपील और कुछ रचनात्मक…"
Sep 22
Dharmendra Kumar Yadav posted blog posts
Sep 19
Sushil Sarna posted a blog post

कुंडलिया. . . . झोला

कुंडलिया. . . . झोलाझोला   लेकर  हाथ  में, चले   मुरारी   लाल । भाव देख कर थम गई,  उनकी बढ़ती चाल…See More
Sep 19
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सभी को मिलकर ओबीओ को बचाने का सतत प्रयास करते रहना चाहिए।"
Sep 17
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"आ.भाई विजय जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर रचना हुई है। हार्दिक बधाई स्वीकारें।"
Sep 17
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"atyant dukahd "
Sep 11

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service