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Sushil Sarna's Discussions (1,416)

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"आदरणीय योगराज सर ,आदाब ... रचना में निहित भावों को स्वीकृति देती आपकी प्रशंसात्मक प्…"

Sushil Sarna replied Apr 15, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-78

453 Apr 16, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीया राजेश कुमारी जी प्रस्तुति के भावों को अपना आत्मीय मान देने का हार्दिक आभार।"

Sushil Sarna replied Apr 14, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-78

453 Apr 16, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीया प्रतिभा जी प्रस्तुति में निहित भावों को अपनी स्वीकृति देती प्रशंसात्मक प्रति…"

Sushil Sarna replied Apr 14, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-78

453 Apr 16, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय मो. आरिफ साहिब रचना के भावों को आत्मीय मान देने का हार्दिक आभार। "

Sushil Sarna replied Apr 14, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-78

453 Apr 16, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"वो अजान दे बुला रहा हैये घंटों से टन टन करता Iशोर शराबे में प्रभु छूटाआज दुखी है खुद…"

Sushil Sarna replied Apr 14, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-78

453 Apr 16, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"देख रहा तू आज कल, हर इंसां को प्यार से ।वंचित हम क्यों रह गये, तेरे इस उपकार से ।। व…"

Sushil Sarna replied Apr 14, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-78

453 Apr 16, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"फेर लिया था मैंने अपने चेहरे को जब तुमने मेरे अनुरोध पर अपनी पलकों को झुकाकर मेरी त…"

Sushil Sarna replied Apr 14, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-78

453 Apr 16, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय राणा प्रताप सर जन्मदिन की शुभकमनाएं स्वीकारें सर ।"

Sushil Sarna replied Apr 6, 2017 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3552 Sep 14, 2024
Reply by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी

प्रधान संपादक

"ओ बी ओ के सफल सात वर्षों के पूर्ण होने के अवसर पर आ.योगराज सर, सौरभ सर , मिथिलेश सर…"

Sushil Sarna replied Apr 5, 2017 to ओबीओ की सातवीं वर्षगांठ पर: सम्पादकीय सन्देश

85 Apr 30, 2017
Reply by annapurna bajpai

"होली पर ४ पंक्तियाँ : बैर मिटाने आयी होली नेह बढ़ानेआयी  होली रंग बिरंगी बौछारों  मे…"

Sushil Sarna replied Mar 11, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-77 (होली विशेषांक)

759 Mar 11, 2017
Reply by Ashok Kumar Raktale

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२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
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"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
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Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Feb 4

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