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तू अगर दूर जाकर, हमसे बेखबर है..

तो हम भी खुश रहेंगे, ये तेवर है..०० 
.
मांगी एक दुआ, तो तू मिल गई..
बने एक दुनिया जो पल में उजड़ गई.
सुने पन अब जो मंजर है..
तो हम भी खुश रहेंगे, ये तेवर है..०१ 
.
दर्द का क्या वो सहा भी बहुत..
अशुओ क सहारे वो बहा भी बहुत..
पूरी करले जो बाकि कसर है ..
तो हम भी खुश रहेंगे, ये तेवर है..०२ 
याद न आई, या मुझे भुला दिया..
मौत की आगोश में, जो मुझे सुला दिया..
जुदाई का दर्द जो समो सहर है..
तो हम भी खुश रहेंगे, ये तेवर है..०३  
.
अरमानो की चिता अब तिल-२ जल रही..
खुसिया भी अब इन हाथो से फिसल रही..
जिंदगी तेरे बिना, एक काँटों का घर है..
हमफिर भी खुश रहेंगे, ये तेवर है..०४ 
.
तू अगर दूर जाकर, हमसे बेखबर है..
हम भी खुश रहेंगे, ये तेवर है..०० 

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Comment

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Comment by Pradeep Kumar Kesarwani on July 2, 2012 at 12:38pm

आदरणीय रेखा जी, सुक्रिया आपका ..

Comment by Rekha Joshi on July 2, 2012 at 12:33pm

प्रदीप जी 

दर्द का क्या वो सहा भी बहुत..
अशुओ क सहारे वो बहा भी बहुत..
पूरी करले जो बाकि कसर है ..
तो हम भी खुश रहेंगे, ये तेवर है.,सुंदर भाव ,लिखते रहो 
Comment by Pradeep Kumar Kesarwani on July 2, 2012 at 12:08pm

आदरणीय श्री सुरेन्द्र कुमार शुक्ल जी, हृदय से आपको धन्यवाद् ....

Comment by SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR on July 1, 2012 at 11:04pm

याद न आई, या मुझे भुला दिया..

मौत की आगोश में, जो मुझे सुला दिया..
जुदाई का दर्द जो समो सहर है..
तो हम भी खुश रहेंगे, ये तेवर है..०३  
प्रदीप जी  गजब के  काविले तारीफ़ तेवर हैं ...सुन्दर ..जय श्री राधे 
भ्रमर ५ 
Comment by Pradeep Kumar Kesarwani on July 1, 2012 at 7:41pm
आदरणीय श्री सौरभ जी, और श्री अरुण जी, हृदय से धन्यवाद् आपको लोगो को, जो आप लोगो ने अपना बहुमूल्य समय निकाल कर मेरा मार्ग दर्शन किया..
अगली प्रस्तुति में, हम आपकी बातों को ध्यान में रखकर कुछ और अच्छा करने की कोशिश करेंगे.. एक बार फिर हृदय से धन्यवाद्....
Comment by Abhinav Arun on July 1, 2012 at 1:42pm

आदरणीय श्री प्रदीप जी ! ह्रदय के भाव उजागर हो रहे हैं ! बधाई !! प्रयास बढ़िया है | समय निकाल कर दूसरों को पढने का प्रयास करें एक लिखने से पहले सौ पढना ही परिपक्वता का मार्ग प्रशस्त करता है || शुभकामनाएं !!


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on July 1, 2012 at 1:03pm

प्रदीपजी, क्या प्रस्तुत रचना आपकी पहली रचना है ? या, आप इससे पहले भी कोशिश कर चुके हैं ?

आप जब कुछ भी पोस्ट करते हैं तो क्लिक करने के पहले खुद पढ़ लिया करें. दूसरों के मन में आपके लिये अच्छा इमेज बनेगा, वर्ना पाठक आपको कैजुअल रचनाकार समझ कर गंभीरता से नहीं लेंगे.

बहरहाल, आपको आपकी रचना के अनुमोदित हो जाने और इसकी सफल प्रविष्टि के लिये हृदय से बधाई.

कृपया ध्यान दे...

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