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Tilak Raj Kapoor's Discussions (2,083)

Discussions Replied To (88) Replies Latest Activity

"इसी मंच के होम पेज पर देखें दो लिंक दिये हुए हैं जिन पर इतनी जानकारी तो है ही कि आपक…"

Tilak Raj Kapoor replied Oct 5, 2014 to ग़ज़ल-संक्षिप्‍त आधार जानकारी-6

15 Jan 27, 2016
Reply by kanta roy

"व्‍याकरण भेद के आधार पर उठती', 'लिखती' को उचित भी ठहराया जा सकता है लेकिन यह मूल अरू…"

Tilak Raj Kapoor replied Aug 7, 2014 to ग़ज़ल-संक्षिप्‍त आधार जानकारी-4

33 Apr 27, 2019
Reply by Rachna Bhatia

"यहॉं एक बात समझना जरूरी है कि अगर आपने 'उठती', 'लिखती' मत्‍ले में काफि़या के रूप में…"

Tilak Raj Kapoor replied Aug 7, 2014 to ग़ज़ल-संक्षिप्‍त आधार जानकारी-4

33 Apr 27, 2019
Reply by Rachna Bhatia

"और को तो औ पढ़कर 'र' गिराना सामान्‍य है। कई जगह औ को भी पिढले हर्फ़ से अलिफ़-वस्‍ल क…"

Tilak Raj Kapoor replied Jul 17, 2013 to ग़ज़ल संक्षिप्‍त आधार जानकारी-10

39 Sep 27, 2024
Reply by मनोज अहसास

"घाव मेरे दिल पर गहरा हुआ जब मेरे यार पर पहरा हुआ।  को माना कि  आप ने  घाव मेरे दिल प…"

Tilak Raj Kapoor replied Jun 12, 2013 to ग़ज़ल-संक्षिप्‍त आधार जानकारी-4

33 Apr 27, 2019
Reply by Rachna Bhatia

"सबसे पहले तो यह जानना ज़रूरी है कि आपने बह्र क्‍या ली, दूसरी बात काफि़या गायब है जो…"

Tilak Raj Kapoor replied Feb 24, 2013 to ग़ज़ल-संक्षिप्‍त आधार जानकारी-1

56 Jan 22, 2019
Reply by Asif zaidi

"कृपया पहले आलेख से आरंभ करें । आप दसवें पर हैं।"

Tilak Raj Kapoor replied Aug 21, 2012 to ग़ज़ल संक्षिप्‍त आधार जानकारी-10

39 Sep 27, 2024
Reply by मनोज अहसास

"मात्रा गिराने की कोई सीमा नहीं है! वस्तुतः आप देखंगे कि मात्राएँ खुद ब खुद गिरती हैं…"

Tilak Raj Kapoor replied Apr 4, 2012 to ग़ज़ल-संक्षिप्‍त आधार जानकारी-1

56 Jan 22, 2019
Reply by Asif zaidi

"आप इस जानकारी, इसपर की गयी टिप्पणियों और उनके उत्तर समझने के प्रयास करें! आशा है सफल…"

Tilak Raj Kapoor replied Apr 4, 2012 to ग़ज़ल-संक्षिप्‍त आधार जानकारी-1

56 Jan 22, 2019
Reply by Asif zaidi

"व्‍यवहारिक छंद-शास्‍त्र के पृष्‍ठ 201-202 पर तख़नीक़ विधि का उपयोग है। वहॉं एक बह्र…"

Tilak Raj Kapoor replied Mar 26, 2012 to ग़ज़ल-संक्षिप्‍त आधार जानकारी-1

56 Jan 22, 2019
Reply by Asif zaidi

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२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
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दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
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