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नादिर ख़ान's Discussions (1,392)

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"आदरणीय लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जी बहुत ख़ूब  "

नादिर ख़ान replied Apr 28 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-142

71 Apr 28
Reply by Samar kabeer

"दुःखद ख़बर....भावपूर्ण  श्रद्धांजलि "

नादिर ख़ान replied Apr 28 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3467 Jun 24
Reply by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी

"आदरणीय अमित जी अच्छी गज़ल हुयी मुबारकबाद स्वीकारें "

नादिर ख़ान replied Apr 28 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-142

71 Apr 28
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय समर कबीर साहब ग़ज़ल में आपकी उम्दा इस्लाह का बहुत शुक्रिया ..."

नादिर ख़ान replied Apr 28 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-142

71 Apr 28
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय सालिक गणवीर  जी ग़ज़ल के लिए बधाई स्वीकारें तंग काफिये में आपने उम्दा प्रयास कि…"

नादिर ख़ान replied Apr 28 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-142

71 Apr 28
Reply by Samar kabeer

"आदरणीया रिचा जी ग़ज़ल का अच्छा प्रयास रहा जनाब समर कबीर साहब की इस्लाह कबीले गौर है बह…"

नादिर ख़ान replied Apr 28 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-142

71 Apr 28
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय संजय शुक्ल साहब अच्छी गजल हुई बधाई स्वीकारें समर साहब की उम्दा इस्लाह से ग़ज़ल…"

नादिर ख़ान replied Apr 28 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-142

71 Apr 28
Reply by Samar kabeer

"1212     1122   1212    112    मिले तो लोग बहुत पर कोई सही न मिला दिलों को जोड़ दे ज…"

नादिर ख़ान replied Apr 28 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-142

71 Apr 28
Reply by Samar kabeer

"आदरणीया रिचा जी आदाब अच्छी ग़ज़ल हुई बधाई स्वीकारें गुणीजनों की उम्दा इस्लाह"

नादिर ख़ान replied Mar 26 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-141

92 Mar 26
Reply by Saurabh Pandey

"बहुत शुक्रिया रिचा जी"

नादिर ख़ान replied Mar 26 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-141

92 Mar 26
Reply by Saurabh Pandey

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"आ. भाई गुमनाम जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति व स्नेह के लिए आभार।"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post एक अनबुझ प्यास लेकर जी रहे हैं -लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई चेतन जी, सादर अभिवादन।गजल पर उपस्थिति और उत्साहवर्धन के लिए हार्दिक आभार। भूलवश अरकान गलत…"
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"आदरणीय गुमनाम पिथौरागढ़ी जी आदाब, ग़ज़ल पर आपकी आमद और ज़र्रा नवाज़ी का तह-ए-दिल से शुक्रिया।"
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