For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

धर्मेन्द्र कुमार सिंह's Discussions (2,689)

Discussions Replied To (2130) Replies Latest Activity

"वाह वाह गुरूजी, क्या गुरुओं वाले शे’र निकाले हैं, मजा आ गया। बहुत बहुत बधाई"

धर्मेन्द्र कुमार सिंह replied Mar 17, 2011 to "OBO लाइव तरही मुशायरा" अंक-९ ( Now Closed )

641 Mar 17, 2011
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"वाह वाह लगता है दारू, भाँग, अफीम, चरस सब साथ में ही चढ़ा लिए हैं। एक से एक शे’र निकल…"

धर्मेन्द्र कुमार सिंह replied Mar 17, 2011 to "OBO लाइव तरही मुशायरा" अंक-९ ( Now Closed )

641 Mar 17, 2011
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"क्या बात सुजीत जी, होली में सब कुछ स्तरीय हो जाता है, कीचड़ भी और आप तो खैर इतनी शानद…"

धर्मेन्द्र कुमार सिंह replied Mar 17, 2011 to "OBO लाइव तरही मुशायरा" अंक-९ ( Now Closed )

641 Mar 17, 2011
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"वाह वाह क्या ठोंका है, बधाई हो"

धर्मेन्द्र कुमार सिंह replied Mar 17, 2011 to "OBO लाइव तरही मुशायरा" अंक-९ ( Now Closed )

641 Mar 17, 2011
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"वाह वाह नूतन जी आप ने भी आखिर मदिरा की सरिता में गोता लगा ही लिया, बहुत बहुत बधाई"

धर्मेन्द्र कुमार सिंह replied Mar 17, 2011 to "OBO लाइव तरही मुशायरा" अंक-९ ( Now Closed )

641 Mar 17, 2011
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"योगराज जी इस बार मुझे पता लगा कि मजाहिया शे’र लिखना कितना मुश्किल है, वाकई दिमाग का…"

धर्मेन्द्र कुमार सिंह replied Mar 16, 2011 to "OBO लाइव तरही मुशायरा" अंक-९ ( Now Closed )

641 Mar 17, 2011
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"धन्यवाद दानी जी"

धर्मेन्द्र कुमार सिंह replied Mar 16, 2011 to "OBO लाइव तरही मुशायरा" अंक-९ ( Now Closed )

641 Mar 17, 2011
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"कुछ मिल नहीं रहा था तो जो मिला पेल दिया। धन्यवाद"

धर्मेन्द्र कुमार सिंह replied Mar 16, 2011 to "OBO लाइव तरही मुशायरा" अंक-९ ( Now Closed )

641 Mar 17, 2011
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"बागी जी इस सूट में तो आप जँच रहे हैं सावधान रहिएगा होली है कहीं सरहज, शाली या भौजाई…"

धर्मेन्द्र कुमार सिंह replied Mar 16, 2011 to "OBO लाइव तरही मुशायरा" अंक-९ ( Now Closed )

641 Mar 17, 2011
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"क्या बताएँ अरुण भाई आजकल लोग इशारा समझते ही नहीं, वो भी पीने के बाद तो बिल्कुल नहीं।…"

धर्मेन्द्र कुमार सिंह replied Mar 16, 2011 to "OBO लाइव तरही मुशायरा" अंक-९ ( Now Closed )

641 Mar 17, 2011
Reply by Er. Ambarish Srivastava

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

Sushil Sarna commented on Saurabh Pandey's blog post कापुरुष है, जता रही गाली// सौरभ
"वाह आदरणीय सौरभ पाण्डेय जी एक अलग विषय पर बेहतरीन सार्थक ग़ज़ल का सृजन हुआ है । हार्दिक बधाई…"
1 hour ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey posted a blog post

कापुरुष है, जता रही गाली// सौरभ

२१२२ १२१२ २२/११२तमतमा कर बकी हुई गालीकापुरुष है, जता रही गाली मार कर माँ-बहन व रिश्तों को कोई देता…See More
5 hours ago
Chetan Prakash commented on सुरेश कुमार 'कल्याण''s blog post भादों की बारिश
"यह लघु कविता नहींहै। हाँ, क्षणिका हो सकती थी, जो नहीं हो पाई !"
Tuesday
सुरेश कुमार 'कल्याण' posted a blog post

भादों की बारिश

भादों की बारिश(लघु कविता)***************लाँघ कर पर्वतमालाएं पार करसागर की सर्पीली लहरेंमैदानों में…See More
Monday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . . . विविध

मंजिल हर सोपान की, केवल है  अवसान ।मुश्किल है पहचानना, जीवन के सोपान ।। छोटी-छोटी बात पर, होने लगे…See More
Monday

सदस्य कार्यकारिणी
गिरिराज भंडारी commented on गिरिराज भंडारी's blog post ग़ज़ल - चली आयी है मिलने फिर किधर से ( गिरिराज भंडारी )
"आदरणीय चेतन प्रकाश भाई ग़ज़ल पर उपस्थित हो उत्साह वर्धन करने के लिए आपका हार्दिक …"
Monday

सदस्य कार्यकारिणी
गिरिराज भंडारी commented on गिरिराज भंडारी's blog post ग़ज़ल - चली आयी है मिलने फिर किधर से ( गिरिराज भंडारी )
"आदरणीय सुशील भाई  गज़ल की सराहना कर उत्साह वर्धन करने के लिए आपका आभार "
Monday

सदस्य कार्यकारिणी
गिरिराज भंडारी commented on गिरिराज भंडारी's blog post ग़ज़ल - चली आयी है मिलने फिर किधर से ( गिरिराज भंडारी )
"आदरणीय लक्ष्मण भाई , उत्साह वर्धन के लिए आपका हार्दिक आभार "
Monday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-182
"विगत दो माह से डबलिन में हूं जहां समय साढ़े चार घंटा पीछे है। अन्यत्र व्यस्तताओं के कारण अभी अभी…"
Sunday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-182
"प्रयास  अच्छा रहा, और बेहतर हो सकता था, ऐसा आदरणीय श्री तिलक  राज कपूर साहब  बता ही…"
Sunday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-182
"अच्छा  प्रयास रहा आप का किन्तु कपूर साहब के विस्तृत इस्लाह के बाद  कुछ  कहने योग्य…"
Sunday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-182
"सराहनीय प्रयास रहा आपका, मुझे ग़ज़ल अच्छी लगी, स्वाभाविक है, कपूर साहब की इस्लाह के बाद  और…"
Sunday

© 2025   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service