For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")


शिशु गीत सलिला : 8
संजीव 'सलिल'
*

71. हाथी


सूंढ़ हिलाता आता है,
बच्चों के मन भाता है।
सूपे जैसे कान बड़े-
खम्बे जैसे पैर खड़े।

गन्ना इसको मन भाए,
पल में गट्ठा भर खाए।
बैठ महावत संग ऊपर
तुमको सैर करा लाये।।
*
72. गेंद


फेंको गेंद पकड़ना है,
नाहक नहीं झगड़ना है।
टप-टप टप्पे बना गिनो-
हँसो, न हमें अकड़ना है।।
*
73. बल्ला

Cricket Bat And Ball Clip Art

आ जाओ लल्ली-लल्ला,
होने दो जमकर हल्ला।
यह फेंकेगा गेंद तुम्हें -
रोको तुम लेकर बल्ला।।
*
74. रेलगाड़ी


छुक-छुक करते आती है,
सबको निकट बुलाती है।
टिकिट खरीदो, फिर बैठो-
हँसकर सैर कराती है।
*
75.आइसक्रीम


नाना-नाती, दादा-पोता,
नहीं कोई भी पाकर खोता।
जो भी बच्चा इसे न पाए-
वही मचलता जी भर रोता।।

नानी-दादी हँसकर खाती-
आइसक्रीम सभी को भाती।
स्वाद, रंग, आकार कई हैं,
जैसी भी हो 'सलिल' लुभाती।।
*
76. मेल


आओ, हम-तुम खेलें खेल,
कभी न कम हो अपना मेल।
एक साथ जो रहते हैं-
हर मुश्किल लेते हैं झेल।।
*
77.  दिवाली



आओ! मनाएं दिवाली,
उजली हों रातें काली.
घर की साफ़-सफाई करें.
लक्ष्मी मैया को पूजें.
खूब मिठाई खायेंगे,
मिल फुलझड़ी जलाएंगे.
*
78. होली



रंग खेलो आयी होली.
भर लो खुशियों से झोली.
खाओ गुझिया गाओ फाग-
झूमे बच्चों की टोली..
*
79. राखी



सावन की जब पड़े फुहार,
आये राखी का त्यौहार.
भाई की कलाई पर राखी
बंधे बहिन करे दुलार.
भाई बहिन की रक्षा का
जिम्मा लेता दे उपहार.
*
80. बड़ा दिन



सांताक्लाज खुशी-उपहार,
दे बच्चों को करता प्यार।

सबको गले लगाता है-
बच्चों के मन भाता है।।

खाते केक मिठाई हम
करती ठण्ड नाक में दम।

मना बड़ा दिन पर्व अनूप   
नया साल मन भाती धूप।।          
***

Sanjiv verma 'Salil'
salil.sanjiv@gmail.com


Views: 676

Replies to This Discussion

आदरणीय आचार्यजी, आपकी मनोवैज्ञानिक सोच ही इन शिशु-गीतों के होने का कारण हुई हैं. बहुत ही बेहतर प्रयास हुआ है आदरणीय.आपके योगदान के प्रति मैं नत हूँ.

किन्तु, एक बात अवश्य कहूँगा कि कुछ पदों में संप्रेषणीयता थोड़ी और होती तो उनकी ग्राह्यता बढ़ जाती. साथ ही साथ, कुछ संबोधन  --और शब्द भी--  आज अप्रासंगिक हो गये हैं. यह हमें समझना ही होगा और इस व्यवहार को मान भी देना होगा. कहना न होगा, इस साहित्य का हेतु बच्चे हैं और आज के बच्चे हैं.

सादर

नए वर्ष का
हर नवीन दिन
अमल-धवल यश
कीर्ति 'सलिल' दे.
माननीय सौरभ जी! आपके उत्साहवर्धन हेतु आभार. हिंदी में शिशु गीत कम ही हैं. अंगरेजी राइम्स से अलग हटकर कुछ रचने के इस प्रयास में सहभागी सभी पाठकों का तहे-दिल से आभारी हूँ. कमियाँ होना स्वाभाविक है. अंगरेजी भाषी तथा हिंदी भाषी स्कूलों के शिशुओं के शब्द भंडार तथा वातावरण में बहुत अंतर होता है. मेरा प्रयास उन्हें कुछ नए हिंदी शब्द देने के साथ परिवेश के प्रति जागरूक करना है. पाठकीय सुझावों के अनुसार परिवर्तन प्रकाशन के समय संभव हो सकता है. ओबीओ का पहला अधिकार है प्रकाशित करने का... मना होने पर अन्यत्र प्रयास होगा. अस्तु... आपकी बहुमूल्य नत से मार्ग दर्शन मिलता है.

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-163
"आ. भाई दयाराम जी, सादर अभिवादन। रचना पर उपस्थिति और उत्साहवर्धन के लिए आभार।"
3 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Dr.Prachi Singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-163
"सहर्ष सदर अभिवादन "
9 hours ago
Dayaram Methani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-163
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी, पर्यावरण विषय पर सुंदर सारगर्भित ग़ज़ल के लिए बधाई।"
12 hours ago
Dayaram Methani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-163
"आदरणीय सुरेश कुमार जी, प्रदत्त विषय पर सुंदर सारगर्भित कुण्डलिया छंद के लिए बहुत बहुत बधाई।"
12 hours ago
Dayaram Methani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-163
"आदरणीय मिथलेश जी, सुंदर सारगर्भित रचना के लिए बहुत बहुत बधाई।"
12 hours ago
Dayaram Methani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-163
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी, प्रोत्साहन के लिए बहुत बहुत धन्यवाद।"
12 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-163
"आ. भाई दयाराम जी, सादर अभिवादन। अच्छी रचना हुई है। हार्दिक बधाई।"
16 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-163
"आ. भाई सुरेश जी, अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर कुंडली छंद हुए हैं हार्दिक बधाई।"
18 hours ago
सुरेश कुमार 'कल्याण' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-163
" "पर्यावरण" (दोहा सप्तक) ऐसे नर हैं मूढ़ जो, रहे पेड़ को काट। प्राण वायु अनमोल है,…"
19 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-163
"आ. भाई मिथिलेश जी, सादर अभिवादन। पर्यावरण पर मानव अत्याचारों को उकेरती बेहतरीन रचना हुई है। हार्दिक…"
20 hours ago
Dayaram Methani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-163
"पर्यावरण पर छंद मुक्त रचना। पेड़ काट करकंकरीट के गगनचुंबीमहल बना करपर्यावरण हमने ही बिगाड़ा हैदोष…"
20 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-163
"तंज यूं आपने धूप पर कस दिए ये धधकती हवा के नए काफिए  ये कभी पुरसुकूं बैठकर सोचिए क्या किया इस…"
23 hours ago

© 2024   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service