For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

बेसुरी खाँसी ....

मन ढूँढता रहा
नीरवता में
खोये हुए कोलाहल को
साथ ले गई
अपनी बेसुरी आवाज़ें
खाँसी की
जीवन के अंतिम पहर में
अपने साथ
जाने कितने सपने,
कितने दर्द छुपे थे
बूढ़ी माँ की
उस बेसुरी खरखरी
खाँसी में
पहले वो खाँसती थी
तो नींद नहीं आती थी
अब
न माँ है
न उसकी बेसुरी खाँसी
फिर भी
नींद नहीं आती
बस
एक अजीब सी रिक्तता में
ढूँढता हूँ
फिर वही बेसुरी खाँसी की
खरखरी आवाज़
और
उस आवाज़ के पल्लू से बंधी
अपनी
माँ
नीरवता में
सुशील सरना
मौलिक एवं अप्रकाशित

Views: 158

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Sushil Sarna on August 27, 2019 at 8:10pm

आदरणीय  Ram Ashery  जी सृजन के भावों को आत्मीय मान देने का दिल से आभार lआदरणीय जी सृजन आपकी स्नेहिल उपस्थिति का आभारी है।

Comment by Ram Ashery on August 26, 2019 at 9:50pm

अपने अंतरात्मा की आवाज को बहुत ही अच्छे ढंग से प्रस्तुत किया है आपको इस सुंदर रचना के लिए बधाई स्वीकार हो । 

 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post करने को नित्य पाप जो-लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई नीलेश जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति, सराहना व मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद। इस मिसरे को यूँ…"
13 hours ago
Aazi Tamaam commented on Aazi Tamaam's blog post ग़ज़ल: उठाकर शहंशाह क़लम बोलता है
"सादर प्रणाम आ धामी सर हौसला अफ़ज़ाई के लिये सहृदय शुक्रिया सर ख़तम की जगह बे दम और वहम की जगह सितम…"
14 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post इस को जरूरी रात में कोई जगा रहे-लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई आजी तमाम जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थित व उत्साहवर्धन के लिए धन्यवाद।"
17 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post इस को जरूरी रात में कोई जगा रहे-लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई नीलेश जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थित व उत्साहवर्धन के लिए धन्यवाद।"
17 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post कहता था हम से देश को आया सँभालने-लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई सालिक गणवीर जी, सादर अभिवादन । गजल पर उपस्थिति व उत्साहवर्धन के लिए आभार ।"
20 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Aazi Tamaam's blog post ग़ज़ल: उठाकर शहंशाह क़लम बोलता है
"आ. भाई आजी तमाम जी, सादर अभिवादन । गजल का प्रयास अच्छा है । हार्दिक बधाई।  भाई नीलेश जी की बात…"
20 hours ago
Aazi Tamaam commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की -ख़ुद को ऐसे सँवार कर जागा
"सादर प्रणाम नीलेश सर बेहद खूबसूरत ग़ज़ल है सहृदय बधाई"
22 hours ago
Aazi Tamaam commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post इस को जरूरी रात में कोई जगा रहे-लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"सादर प्रणाम धामी सर खूबसूरत ग़ज़ल हुई है सहृदय बधाई"
22 hours ago
Aazi Tamaam commented on Aazi Tamaam's blog post ग़ज़ल: उठाकर शहंशाह क़लम बोलता है
"सादर प्रणाम आ नीलेश जी सहृदय शुक्रिया हौसला अफ़ज़ाई के लिये जी सर मात्राएँ 21 हैं दोनों की लेकिन…"
22 hours ago
Nilesh Shevgaonkar posted blog posts
22 hours ago
Nilesh Shevgaonkar commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post इस को जरूरी रात में कोई जगा रहे-लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. लक्ष्मण जी.ग़ज़ल का अच्छा प्रयास हुआ है.बधाई "
23 hours ago
Nilesh Shevgaonkar commented on Aazi Tamaam's blog post ग़ज़ल: उठाकर शहंशाह क़लम बोलता है
"आ. आज़ी भाई,अच्छा प्रयास हुआ है ग़ज़ल का...खतम और वहम की मात्राएँ देख लें..सादर "
23 hours ago

© 2021   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service