For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

 सारा देश दहशत में था .भारत के सर्वाधिक सम्मानित नेता देश के सुरक्षा संबंधी गुप्त दस्तावेज दुश्मन देश को सौंपते हुए कैमरे में कैद कर लिए गये थे . मीडिया में देश के खिलाफ इस प्रकार के षड्यंत्र में नेता जी के लिप्त होने  को लेकर गरमागरम बहस चालू थी . जिस टी वी चैनल ने यह स्ट्रिंग आपरेशन किया था , वह बार-बार उन दृश्यों को  जनता के सामने परोस रहा था .या सीधे -सीधे देश-द्रोह का मामला था  अनेक चैनेल इस विषय पर सीधे नेता जी से सम्पर्क कर उनकी ज़ुबानी सारा सत्य उगलवाना चाहते थे . नेता जी इन सब घमासानो से मुक्त अपने प्रासाद में आराम फरमा रहे थे . उडती हुयी खबर यह भी थी की वे ताराबाई का मुजरा देख रहे थे . उनके घर के बाहर विरोधी पार्टी के लोग धरने पर बैठे इस बात का विरोध का रहे थे कि उन्होंने कौड़ियों के मोल सरकारी जमीन अपने परिवार जनों के नाम से खरीदी है और आय से अधिक संपत्ति के मालिक हैं और इन आरोपों की जांच होनी चाहिये. लेकिन अब इस नए मुद्दे ने आग में घी डालने का कार्य किया .अब तो नेता जी को गिरफ्तार करने की मांग उठने लगी . काफी थुक्का-फजीहत के बाद अंततः नेता जी टी वी चैनल की मार्फ़त देश की जनता से रूबरू हुये .

संचालक के प्रश्न पर उन्होंने चिरपरिचित अंदाज में अपनी मुस्कान बिखेरी और हाथ जोड़ कर बड़ी मासूमियत से बोले –‘ मैं देश की जनता को प्रणाम करता हूँ , ये टी वी वाले सारे दिन से जाने क्या अनाप –शनाप आपको दिखाय रहे हैं , अरे ये स्टिंग-विस्टिंग क्या चीज है भाई . आज टेक्नालाजी कितना बढ़ गयी है . जिसके खिलाफ चाहो कुछ भी तस्वीर दिखाय दो . यह पब्लिक है यह सब जानती है कि कितना पायरेटेड काम होता है . हम तो कहते है यह विरोधी पार्टी का हमारे खिलाफ षड्यंत्र है . हमारी लोकप्रियता उनका पच नाही रही है . हम ऐसी हरकत बर्दाश्त नाही करेंगे . हम इस षड्यंत्र की जांच करायेंगे . दूध का दूध और पानी का पानी हो के रहेगा. आप लोग थोड़ा सबर से काम लीजिये. जय हिन्द !’

(मौलिक व अप्रकाशित ))  

Views: 457

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on June 15, 2016 at 10:08am

आदरणीय बड़े भाई गोपाल जी ,  बहुत सही बात आपने कथा मे उठाई है , सच मे यही हो रहा आजकल । हार्दिक बधाई आपको !

Comment by Rahila on June 13, 2016 at 1:08pm
क्या बात है,वाहह्ह्ह. .शानदार रचना आदरणीय सर जी!जितने भी नेताओं ने आजतक सफाई दी है बिलकुल इसी अंदाज मे दी है । बहुत, बहुत बधाई आपको । सादर
Comment by Rajendra kumar dubey on June 13, 2016 at 9:34am
आदरणीय गोपाल जी एक अच्छी लघु कथा के लिए हार्दिक बधाई।
Comment by NEERAJ KHARE on June 13, 2016 at 8:13am
आदरणीय गोपाल भाई जी,षड्यंत्र पे षड्यंत्र करते इस नेता की तो जांच होनी चाहिए। मगर करेगा कौन। ये प्रश्न आज भी विद्दमान है। सुपर से ऊपर है आपकी लघु कथा।
Comment by Sheikh Shahzad Usmani on June 12, 2016 at 8:11pm
सही मायने में शीर्षक को परिभाषित करती हुई समसामयिक परिदृश्य को शाब्दिक करती बढ़िया प्रस्तुति के लिए बहुत बहुत हार्दिक बधाई आपको आदरणीय डॉ. गोपाल नारायण श्रीवास्तव जी। बीच में ऐसा लगा कि अतिरिक्त विवरण है किन्तु उत्तरार्ध सार्थक सटीक रहा।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Awanish Dhar Dvivedi posted photos
1 hour ago
Awanish Dhar Dvivedi posted blog posts
4 hours ago
Chetan Prakash posted a blog post

गज़ल

गज़ल221 2121 1221 212उम्मीद अब नहीं कोई वो दीदावर मिले बहतर खुुदा कसम वही चारागर मिले ( मतला )लगता…See More
4 hours ago
AMAN SINHA posted a blog post

मैं ऐसा हीं हूँ

गुमसुम सा रहता हूँ, चुप-चुप सा रहता हूँ लोग मेरी चुप्पी को, मेरा गुरूर समझते है भीड़ में भी मैं,…See More
4 hours ago
Awanish Dhar Dvivedi commented on बासुदेव अग्रवाल 'नमन''s blog post ओ बी ओ मंच को 12वीं सालगिरह पर समर्पित ग़ज़ल
"वाह वाह सर बहुत ही सटीक और सुन्दर कहा है आपने। बधाइयां "
8 hours ago
Awanish Dhar Dvivedi commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post कहता हूँ तुझसे जन्मों का नाता है ओबीओ
"बिल्कुल सत्य वचन है सर बहुत सुन्दर।"
8 hours ago
Awanish Dhar Dvivedi commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post रक्त से भीगा है आगन आज तक भी -लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"क्या खूब कहा है आपने बधाईयां।।"
8 hours ago
Awanish Dhar Dvivedi updated their profile
14 hours ago
Awanish Dhar Dvivedi commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post ग़ज़ल-अलग है
"सुन्दर सृजन। हार्दिक शुभकामनायें।"
14 hours ago
Awanish Dhar Dvivedi commented on Awanish Dhar Dvivedi's blog post दर्द
"हार्दिक साधुवाद सबका"
15 hours ago
Awanish Dhar Dvivedi commented on Awanish Dhar Dvivedi's blog post पर्यावरण बचायें
"आप सुधी जनो का हार्दिक आभार।।"
15 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post ग़ज़ल-अलग है
"//मैंने भी "ज़िन्दगी का" शब्द लिया है ..."ज़िन्दगी के" नहीं...थोड़ा सा और प्रकाश…"
20 hours ago

© 2022   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service