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 रिमझिम सावन की फुहार आज मेरा भैय्या आएगा

आया तीजो का त्यौहार साथ मुझे लेके जाएगा

अम्बर पे बादल छाये

सखियों ने झूले पाए

भाभी ने गायी कजरी

बाबा जी घेवर लाए

कर लूँ अब मैं तनिक सिंगार आज मेरा भैया आएगा

आया तीजो का त्यौहार साथ मुझे लेके जाएगा

दीवार पे कागा बोले

यादों की खिड़की खोले

अम्मा ने संदेसा भेजा

सुनसुन मेरा मन डोले

मायके से आया तार आज मोरा भैया आएगा

आया तीजो का त्यौहार साथ मुझे लेके जाएगा

ननदी जी सुनो जरा सा

कुछ कर लो काम जरा सा

चौका बर्तन करने को

क्यूँ मन है डरा डरा सा

मुझसे मत करना तकरार आज मेरा भैया आएगा

आया तीजो का त्यौहार साथ मुझे लेके जाएगा

सासू जी खाना पकालो

अपने कुनबे को खिलालो

सैंया जी दफ्तर छोड़ो

दोनों बच्चों को सँभालो

अब मैं हो जाऊँ तैयार आज मेरा भैया आएगा

 आया तीजो का त्यौहार साथ मुझे लेके जाएगा

मौलिक एवं अप्रकाशित 

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सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on August 22, 2015 at 12:21pm

आ० सौरभ जी ,आपकी सराहना पाकर ये कजरी गीत धन्य हो गया दिल से बहुत बहुत आभार आपका सादर .


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on August 21, 2015 at 12:14am

वाह वाह ! मन खुश हो गया इस श्रावणी गीत पर आदरणीया.. हार्दिक शुभकामनाएँ और बधाइयाँ. 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on August 11, 2015 at 7:53pm

प्रिय प्रतिभा पाण्डेय जी ,सही कहा आपने अब वो संस्कृति ही विलुप्त हो रही है कजरी गीत  लिखना मेरा उसी पारंपरिक संस्कृति को पुनर्जीवित करने का प्रयास भर है |आपको पसंद आया दिल से आभार | 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on August 11, 2015 at 7:50pm

मिथिलेश भैया कजरी गीत आपको पसंद आया बहुत बहुत शुक्रिया 

Comment by pratibha pande on August 10, 2015 at 2:10pm
मायके से आया तार,आज मेरा भैया आयगा अब तो वो प्यार ,जो आता था ज़रिये तार . सब बंद हो गया. बहुत प्यारी सी रचना है ये ,बधाई आपको आ० राजेश कुमारी जी

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by मिथिलेश वामनकर on August 10, 2015 at 12:04pm

आदरणीया राजेश दीदी बहुत सुन्दर कजरी गीत हुआ है. गुनगुनाते हुए आनंद आ गया. बहुत बहुत बधाई इस मनमोहक गीत के लिए. सादर 

कृपया ध्यान दे...

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