For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

व्यंग्य - कैसे-कैसे इनकम !

अभी कुछ दिनों से टैक्स चोरी का मामला छाया हुआ है और देश को खोखला करने वाले सफदेपोश चेहरे पर कालिख भी लगी, मगर यह बात मैं सोच रहा हूं कि देश में कैसे-कैसे इनकम के तरीके हो सकते हैं ? जब कोई टैक्स पर ही इनकम निकाल लेने की क्षमता रखता हो, वैसी स्थिति में इनकम की कोई सीमा निर्धारित करना, मुझ जैसे अदने से व्यक्ति के लिए मुश्किल लग रहा है। फिर भी एक बात तो है कि बदलते समय के साथ इनकम के दायरे बढ़ गए हैं और इनकम हथियाने वाले भी। कुछ नहीं बदला तो आम जनता की बदहाल जिंदगी और उनके हिस्से में आने वाली मेहनतकश रोटी।


कुछ लोग चेहरे पर चेहरा लगाकर इनकम का ऐसा जरिया तलाश लेते हैं, जहां एक बार हाथ मारो और फिर फुर्सत पाओ, पैर मारने से। कहा भी जाता है- मारो तो हाथी, लूटो तो खजाना। कुछ ऐसा ही चल रहा है, इनकम का तमाशा। जो जितना चाह रहा है, अपना हिस्सा निकाल ले रहा है, इसमें कोई रोक-टोक नहीं है। चोरी-चकारी के अपने इनकम होते हैं और जब स्टांप जैसे घोटाला होता है तो फिर इनकम के दायरे बढ़ जाते हैं। जब कोई बाबू छोटी-मोटी राशि घूस लेता है और वहीं करोड़ों की खरीदी कर खालमेल किया जाता है, यहां भी इनकम का सिस्टम बदल जाता है। आजकल काला धन का जिन्न सभी के दिमाग की बोतल में भरा हुआ है, वह बीच-बीच में बाहर निकलता है, उसके बाद फिर शुरू हो जाती है, भारी-भरकम इनकम की चर्चा। फलां व्यक्ति की कमाई इतनी है और फलां ने स्वीस बैंक में अनंत राशि जमा कर रखी है, जिसकी जानकारी पाने उसे खुद ही सिर खपाना पड़ेगा, क्योंकि कब कहां से, कितना जमा किया है, उसे मालूम कहां। सब हड़बड़ी में खेल होता है और हड़बड़ी में गड़बड़ी स्वाभाविक है। धन काला कहां हो सकता है, वो तो मन काला होता है। जब मन ही काला होगा तो फिर उस व्यक्ति की नजर में तो हर चीज काली होगी, न ?


देश की जनता से गद्दारी कर घोटाला करने की फेहरिस्त लंबी होती जा रही है और यह समझना जैसे सिर से उपर हो चला है कि इनकम कैसे-कैसे होते हैं और कितने तरह के होते हैं ? गरीबों के इनकम तो बस केवल एक ही होती है, हाड़-तोड़ मेहनत। मगर सफेदपोशों का इनकम तो हाथ की सफाई में होता है और दिमाग की तिकड़मबाजी का परिणाम। गरीब कहां से तीन-पांच करे, क्योंकि भूख और पेट की चिंता के बाद फिर दूसरी बात इनकम की कहां रह जाती है ? जिनका पेट भरा है और कई पीढ़ी बैठकर खा सकेगी, वैसे ही लोगों को इनकम की चिंता रहती है। यह भी देख लोग भौंचक हैं कि घर की तिजोरी भी इनकम रखने के लिए कम पड़ जा रही है और बैंकों के लॉकर गुलजार हैं। ताला लगने के बाद लॉकर कब खुलेगा, उस इनकम के पट्टेदार को भी पता नहीं रहता। उस लॉकर में रखा इनकम छटपटाता रहता है, आखिर मैं कब बाहर निकलूंगा ? छापा पड़ने के बाद इनकम लॉकर से बाहर निकलकर, लंबी सांस लेते हुए कहता है कि अच्छा हुआ, नहीं तो मैं भीतर ही रहता और जिसने मुझे अंदर रखा था, वह अंदर ही नहीं होता।

राजकुमार साहू
लेखक व्यंग्य लिखते हैं

जांजगीर, छत्तीसगढ़
मोबा - 098934-94714

Views: 281

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on March 13, 2011 at 2:59pm
बहुत ही तीखा व्यंग है भाई , दे घुमा के |

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

KALPANA BHATT ('रौनक़') replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"दुःखद"
yesterday
Profile IconKamran Akmal and sushil yadav joined Open Books Online
Sep 24
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"🌹 OBO के पुनर्गठन एवं पुनर्जीवन के लिए एक सशक्त अपील और कुछ रचनात्मक…"
Sep 22
Dharmendra Kumar Yadav posted blog posts
Sep 19
Sushil Sarna posted a blog post

कुंडलिया. . . . झोला

कुंडलिया. . . . झोलाझोला   लेकर  हाथ  में, चले   मुरारी   लाल । भाव देख कर थम गई,  उनकी बढ़ती चाल…See More
Sep 19
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सभी को मिलकर ओबीओ को बचाने का सतत प्रयास करते रहना चाहिए।"
Sep 17
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"आ.भाई विजय जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर रचना हुई है। हार्दिक बधाई स्वीकारें।"
Sep 17
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"atyant dukahd "
Sep 11
जगदानन्द झा 'मनु' replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय, प्रणाम संगहि संग हार्दिक धन्यवाद। अपनेक मार्गदर्शन पाबि बहुत बेसी मोटिवेशन आ सीखक मिलैए…"
Sep 10

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय जगदानन्द झा मनु जी, अहाँ बड्ड नीक गजल पठेलियै. सबसे पहिल, त हम प्रयुक्त भेल बहरक विषय में…"
Aug 18
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत हरिगीतिका छंद पर आपकी प्रतिक्रिया से सृजन सफल हुआ है. आपके…"
Aug 15
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय श्याम नारायण वर्मा जी सादर, प्रस्तुत छंदों पर उत्साहवर्धन के लिए आपका हार्दिक आभार.…"
Aug 15

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service