For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

काश ! कोई साथी होता।
एक अच्छा-सा साथी होता।।
खुशियों में जो साथ निभाता,
दुःख में भी नहीं घबराता।
घिरे होते दुःख में हम,
वो बाँटता हमारे ग़म।
दूर करता दर्द सारे,
आँसू पोंछता हमारे।
होता उसका हमें सहारा,
होता वो एक हमारा।
ऐसा एक साथी होता।
काश ! कोई साथी होता।
ज़िन्दगी की राहें सुनसान,
ख़तरों से हम अनजान।
जब रास्ता जाते भटक,
मुश्किलों में जाते अटक।
थाम लेता हाथ हमारा,
देता फिर हमें सहारा।
भटकने से हमें बचाता,
एक नयी राह दिखाता।
ऐसा एक हमराही होता।
काश ! कोई साथी होता।
एक अच्छा-सा साथी होता।।
'सावित्री राठौर'
[मौलिक एवं अप्रकाशित]

Views: 697

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Savitri Rathore on October 8, 2013 at 3:08pm

प्रिय प्राची जी, आपका हृदय से आभार !


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on October 7, 2013 at 8:59pm

मन की भावनाओं की द्विपदियों में अभिव्यक्ति

सही है, कभी कभी भावों को यूं ही लिखा भी जाना चाहिए :)))

शुभकामनाएं 

Comment by Savitri Rathore on October 7, 2013 at 7:42pm

कुंती जी सराहना हेतु आभार !

Comment by Savitri Rathore on October 7, 2013 at 7:42pm

अरुण निगम जी आपका आभार !

Comment by Savitri Rathore on October 7, 2013 at 7:41pm

बहुत- बहुत धन्यवाद अरुण शर्मा जी

Comment by Savitri Rathore on October 7, 2013 at 7:37pm

आभार संदीप जी !

Comment by Savitri Rathore on October 7, 2013 at 7:36pm

बहुत- बहुत धन्यवाद डॉ० अनुराग जी !

Comment by Savitri Rathore on October 7, 2013 at 7:34pm

कपीशचन्द्र जी आपका आभार !

Comment by Savitri Rathore on October 7, 2013 at 7:33pm

गिरिराज जी सराहना हेतु आभार !

Comment by Savitri Rathore on October 7, 2013 at 7:32pm

बहुत- बहुत धन्यवाद अभिनव जी!

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"स्वागतम"
3 hours ago
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीया रिचा यादव जी नमस्कार बहुत शुक्रिया हौसला अफ़ज़ाई का "
3 hours ago
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"क्या गिला गर किसी को भूल गया इश्क़ में जो ख़ुदी को भूल गया अम्न का ख़्वाब देखा तो था पर क्या करुँ रात…"
3 hours ago
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय तिलक राज कपूर जी नमस्कार बहुत- बहुत धन्यवाद आपका आपने समय निकाला ग़ज़ल तक आए और ऐसी बेहतरीन…"
4 hours ago
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय अजय गुप्ता 'अजेय' जी नमस्कार बहुत धन्यवाद आपका आपने समय दिया आपने सहीह फ़रमाया गुणी…"
4 hours ago
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसाफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक…"
4 hours ago
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"अम्न का ख़्वाब देखा तो था पर क्या करुँ रात ही को भूल गया "
4 hours ago
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"इस सुझाव को विशेष रूप से रूहानी नज़रिये से भी देखेंहुस्न मुझ पर सवार होने सेशेष सारी कमी को भूल…"
6 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आ. भाई दयाराम जी, अभिवादन व आभार।"
8 hours ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"हार्दिक आभार आदरणीय "
9 hours ago
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय दयाराम जी नमस्कार  बहुत शुक्रिया आपका  सादर "
10 hours ago
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय तिलक जी सादर अभिवादन  बहुत बहुत धन्यवाद आपका  बहुत अच्छे सुझाव हैं ग़ज़लमें निखार…"
10 hours ago

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service