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मेरी नजर से हाइकु ...

भाव दिल के
क्रमबद्ध सजाये
बनी कविता !!

तुकान्त लय
समान मात्रा गणना
बने मुुक्तक !!

तीन पंक्तियां
पंच सप्तम पंच
हाइकु शैली !!

विस्तृत भाव
भूमिकाबद्ध व्याख्या
बने कहानी !!

कम शब्दों में
दे सार्थक सन्देश
लघु कहानी !!

(मौलिक व अप्रकाशित)

प्रवीन मलिक ...

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Comment

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Comment by Parveen Malik on September 13, 2013 at 5:24pm
बृजेश जी सीखने के लिए कदम बढाया है तो अवश्य ही मुझे आप लोगों के प्रोत्साहन व मार्गदर्शन की जरुरत है ... अवश्य अनुकरण होगा आपके सुझाव पर ... सादर धन्यवाद !!
Comment by अरुन 'अनन्त' on September 13, 2013 at 4:28pm

आदरणीया प्रवीन जी बेहद सुन्दर प्रयास किया है आपने आपका प्रयास सही दिशा में हो इस हेतु आप बृजेश भाई जी की कहन पर ध्यान दें. प्रयास हेतु बधाई स्वीकारें.

Comment by बृजेश नीरज on September 13, 2013 at 12:04pm

बहुत सुन्दर प्रयास है आपका! आपको हार्दिक बधाई!
हाइकु को लेकर एक मान्यता है कि इसकी प्रत्येक पंक्ति स्वतंत्र होनी चाहिए। अपने अर्थ के लिए दूसरी पंक्ति पर निर्भर नहीं होनी चाहिए।
इस पर सुधीजनों की राय जानना महत्वपूर्ण होगा।
सादर!

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