"क्या यह बात सच है कि कल तुम्हारी बेटी से बलात्कार किया गया ?"
"हाँ साहब, कल शाम खेतों से लौटते हुए मेरी बेटी की इज्ज़त लूटी गई !"
"क्या तुम जानते हो कि दोषी कौन है !?"
"मैं ही नही साहब, सारा गाँव जानता है उस पापी को जिसने मेरी बेटी को बर्बाद किया है !"
"मगर इतनी बड़ी बात होने के बावजूद भी तुमने थाने जाकर रिपोर्ट क्यों नहीं लिखवाई ?"
"क्योंकि मैं अपनी बेटी का सामूहिक बलात्कार नही चाहता था ! "
Comment
It depicts the real state of affairs and what is happening in our police stations.
Thanks for highlighting.
Surinder Narang
क्योंकि मैं अपनी बेटी का सामूहिक बलात्कार नही चाहता था !
बहुत ही करारा चोट है , समाज और व्यवस्था के ऊपर , बेहतरीन लघु कथा |
sir ji aapka jabab nahi
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