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क्या पता सावन भी किसी के लिए रोता होगा

देख कर सावन को
आँखे भर आती हैं
क्या पता सावन भी
किसी की याद मे रोता होगा
मेरी ही तरह करता होगा
इंतज़ार किसी का ….
टूट जाने पर वादा
मेरी ही तरह रोता होगा
क्या पता सावन भी
सावन में किसी के लिए
तरसता होगा ………
करके वादा गया होगा कोई
लौट कर आऊंगा उस महीने में
जिसमे बरसात होगी ……
ऐ मेरे चाहने वाले
अब तो तुमसे
बरसात में ही मुलाक़ात होगी
टूटता होगा वादा तो
दिल भी टूट जाता होगा
दर्द के रहम-ओ-करम से फिर
महीने भर सावन भी
नीर बहाता होगा  …
क्या पता मेरी ही तरह सावन भी
सावन में किसी के लिए
तड़पता होगा ………….!!!



मौलिक व अप्रकाशित रचना

सोनम सैनी

Views: 588

Comment

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Comment by Sonam Saini on August 1, 2013 at 10:35am

जीतेन्द्र जी, आशुतोष मिश्रा जी, जवाहर सर व महिमा जी आप सभी का रचना को  लिए धन्यवाद।

Comment by Sonam Saini on August 1, 2013 at 10:32am

धन्यवाद अभिनव अरुण जी

Comment by MAHIMA SHREE on July 31, 2013 at 11:07pm

अब तो तुमसे
बरसात में ही मुलाक़ात होगी
टूटता होगा वादा तो
दिल भी टूट जाता होगा
दर्द के रहम-ओ-करम से फिर
महीने भर सावन भी
नीर बहाता होगा  … क्या बात है प्रिय सोनम जी ...बहुत ही सुंदर ...बधाई आपको

Comment by JAWAHAR LAL SINGH on July 31, 2013 at 9:20pm

टूटता होगा वादा तो 
दिल भी टूट जाता होगा 
दर्द के रहम-ओ-करम से फिर 
महीने भर सावन भी 
नीर बहाता होगा  … 

क्या पता मेरी ही तरह सावन भी 
सावन में किसी के लिए 
तड़पता होगा ………….!!!

जरूर रोता होगा!....

Comment by Dr Ashutosh Mishra on July 31, 2013 at 4:46pm

sonam jee ..bhavo se bharee is shandaar rachna ke liye badhayee sweekarein 

Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on July 29, 2013 at 12:14am

सुंदर भावनाओं से ओतप्रोत रचना प्रस्तुति पर, हार्दिक बधाई..आदरणीया सोनम जी

Comment by Abhinav Arun on July 28, 2013 at 9:19pm

मन के सहज मधुर भावों की अभिव्यक्ति करती रचना के लिए हार्दिक बधाई आदरणीया सोनम जी ! वर्षा ऋतू और अंतर ध्वनि बूंदों से निश्छल प्रकट हुए है ...साधुवाद और शुभकामनायें बहुत बहुत !

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