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सुक्रिया, सुक्रिया, आपको सुक्रिया,

सुक्रिया, सुक्रिया, आपको सुक्रिया,
आपने जो दिल मुझको दिया ,
सुक्रिया, सुक्रिया, आपको सुक्रिया,
आपही से दिन मेरा होता हैं सुरु ,
आपही साम ढले रात होती है सुरु ,
रात हुई सपनों में दरस दिया ,
सुक्रिया, सुक्रिया, आपको सुक्रिया,
कब तलक यैसे मुझे तुम सताओगे ,
चुपके छुपके मिलने कब तक बुलाओगे ,
आपको ही सनम दिल ये दिया ,
सुक्रिया, सुक्रिया, आपको सुक्रिया,
आपका मैं हुआ ये अब जानिए ,
आपही मेरे पिया ओ हजूर मानिये ,
ओ पिया ओ पिया सुक्रिया, सुक्रिया,
सुक्रिया, सुक्रिया, आपको सुक्रिया,

Views: 629

Comment

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Comment by Raju on May 9, 2010 at 10:03am
bahut badhiya Guru bhaiya...........
Comment by Ratnesh Raman Pathak on May 8, 2010 at 11:16pm
sukriya sukriya kavita jo aapne diya!
achhe karam hamne kiya jo aapka kavita hame padhne ko mila!!
sukriya sukirya sukriya

मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on May 8, 2010 at 9:38pm
ये भी कविता आप कि अच्छी है गुरू जी, बहुत बहुत शुक्रिया ,
Comment by Admin on May 8, 2010 at 8:33pm
शुक्रिया शुक्रिया गुरू जी बहुत बहुत शुक्रिया, बढ़िया लिख रहे है, लगे रहिये, हि्न्दी मे भी आप कि रचनाए अच्छी है |
Comment by PREETAM TIWARY(PREET) on May 8, 2010 at 2:28pm
bahut badhiya rachna hai guru jee......waah guru jee waah aap bhojpuri ke saath saath hindi me bhi kavita likhne me GURU hain.....
jai ho guru je........

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