For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

तेरी निगाह की जादूगरी मैं कैसे लिखूं

तेरी निगाह की जादूगरी मैं कैसे लिखूं
दिखी तराश जो हुश्ने-परी मैं कैसे लिखूं

यहाँ 'न' दिल बिका पामाल का चाहत के लिये
दिवानगी लगी सौदागरी मैं कैसे लिखूं

न कायनात सी दिलकश यहाँ पे शै है को
खुदा बता तेरी कारीगरी मैं कैसे लिखूं

न तोड़ आइना झूठा कभी ये होगा नहीं
बड़ी कमाल है शीशागरी मैं कैसे लिखूं

कभी न तुम  रोना "दीप" जिसने वादा लिया
गजाल सी वही आँखें भरी मैं कैसे लिखूं

संदीप पटेल "दीप'

Views: 854

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on June 3, 2012 at 4:19pm

न तोड़ आइना झूठा कभी ये होगा नहीं
बड़ी कमाल है शीशागरी मैं कैसे लिखूं

 

 

संदीप जी अच्छी ग़ज़ल कही है, कुछ नए शब्दों का अर्थ सिखने को मिला , आभार आपका |

Comment by SANDEEP KUMAR PATEL on June 1, 2012 at 11:58am

shukriya @arun bhai
actual meaning to yahi hai

par yahaan samjhane ke liye, jo ronda huaa ho,  jiski dasa dayneey ho,

gareeb hi pamaal hote hain isiliye yahaan ye harf istemaal kiya hai, yahaan iska meaning daman kiyaa huaa se hai......................aur daman to aap bhi jaante hain gareebon kaa hi hota hai

Comment by Arun Sri on June 1, 2012 at 11:28am

पामाल का अर्थ होता है - पैरों तले रौंदना / रौंदा हुआ , कुचलना / कुचला हुआ !

Comment by SANDEEP KUMAR PATEL on June 1, 2012 at 11:19am

आदरणीया रेखा जी
आपका बहुत बहुत आभारी  हूँ
ह्रदय से धन्यवाद आपका ये स्नेह यूँ ही बनाये रखिये हम अनुजों पर

Comment by SANDEEP KUMAR PATEL on June 1, 2012 at 11:18am

आदरणीय सूरज सर सादर नमन

मुझे पता चल गया है सर जी के मेरी ये भी ग़ज़ल बे-बहर है पर सीख रहा हूँ
और आप सभी का स्नेह और आशीर्वाद मिलता रहा तो  जल्द ही मैं बहर में लिख कर रचना पेश करूँगा

आपकी इस हौसलाफजाई के लिए बहुत बहुत शुक्रिया और सादर आभार
स्नेह बनाये रखिये सहयोग करते रहिये कोशिश कर रहा हूँ

Comment by डॉ. सूर्या बाली "सूरज" on June 1, 2012 at 10:31am

संदीप जी अभी तक की बहुत खूबसूरत ग़ज़ल । मज़ा आ गया !

न तोड़ आइना झूठा कभी ये होगा नहीं
बड़ी कमाल है शीशागरी मैं कैसे लिखूं!

कमाल का शेर है भाई ! बहुत उम्दा!

Comment by Rekha Joshi on June 1, 2012 at 8:19am

न कायनात सी दिलकश यहाँ पे शै है कोई 
खुदा बता तेरी कारीगरी मैं कैसे लिखूं 

sandeep ji ati sundr gazal ,bahut bahut badhai

Comment by SANDEEP KUMAR PATEL on May 31, 2012 at 10:04pm

bahut bahut shukriya aapka aadarneeyaa @MAHIMA SHREE ji ,,,,,,,,,,,,,,,,,,aapka saadar aabhar

पामाल- nirdhan, daridra,.......etc

apna ye sneh banaye rakhiye

Comment by MAHIMA SHREE on May 31, 2012 at 9:59pm

न कायनात सी दिलकश यहाँ पे शै है को
खुदा बता तेरी कारीगरी मैं कैसे लिखूं

न तोड़ आइना झूठा कभी ये होगा नहीं
बड़ी कमाल है शीशागरी मैं कैसे लिखूं

संदीप जी खुबसूरत गज़ल के लिए बधाई  स्वीकार  करें .. और पामाल के मायने भी बता दें  

Comment by SANDEEP KUMAR PATEL on May 31, 2012 at 9:52pm

aadarniyaa @rajesh kumari ji .......................aapka bahut bahut shukriya aur saadar aabhar

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

amita tiwari posted a blog post

निर्वाण नहीं हीं चाहिए

निर्वाण नहीं हीं चाहिए---------------------------कैसा लगता होगाऊपर से देखते होंगे जबमाँ -बाबाकि…See More
19 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . .अधर

दोहा पंचक. . . . . अधरअधरों को अभिसार का, मत देना  इल्जाम ।मनुहारों के दौर में, शाम हुई बदनाम…See More
19 hours ago
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सभी सदस्यों को सादर सप्रेम राधे राधे सभी चार आयोजन को को दो भागों में विभक्त किया जा सकता है। ( 1…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"चर्चा से कई और पहलू, और बिन्दु भी, स्पष्ट होंगे। हम उन सदस्यों से भी सुनना चाहेंगे जिन्हों ने ओबीओ…"
yesterday
pratibha pande replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"आदरणीय मिथिलेश जी के कहे से मैं भी सहमत हूँ। कैलेंडर प्रथम सप्ताह में आ जाय और हफ्ते बाद सभी आयोजन…"
Saturday
Dayaram Methani replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सभी आदरणीय को नमस्कार। आदरणीय तिलक राज कपूर जी का ये उत्तम विचार है। अगर इसमें कुछ परेशानी हो तो एक…"
Friday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . .युद्ध

दोहा सप्तक. . . . . युद्धहरदम होता युद्ध का, विध्वंसक परिणाम ।बेबस जनता भोगती ,  इसका हर  अंजाम…See More
Friday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"इस सारी चर्चा के बीच कुछ बिन्दु और उभरते हैं कि पूरे महीने सभी आयोजन अगर ओपन रहेंगे तो…"
Friday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"आदरणीय, नमस्कार  यह नव प्रयोग अवश्य सफलता पूर्वक फलीभूत होगा ऐसा मेरा विश्वास है तथा हमें…"
Thursday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सुझाव सुन्दर हैं ।इससे भागीदारी भी बढ़गी और नवीनता भी आएगी । "
Thursday

मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi" replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
" कृपया और भी सदस्य अपना मंतव्य दें ।"
Mar 11
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"तरही का मुख्य उद्देश्य अभ्यास तक सीमित है, इस दृष्टि से और बहरों पर भी तरही मिसरे देना कठिन न होगा…"
Mar 11

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service