For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

काश
कि उसी वक्त देख लेता
पलट कर पन्ने
उस किताब के ,
जो तुमने वापस कर दी
भीगी आँखों के साथ !
और मैंने उसे इंकार समझा
अपने प्रणय निवेदन का !
.
और जब आज
हम दोनों ने थाम रखे है
दो अलग अलग सिरे
जिंदगी के !
तो अनायास ही
हाथों में आई वो किताब !
थरथरा गया अस्तित्व !
जैसे कोई रेल गुज़री हो
किसी पुराने पुल से !
बिखर गए किताब के पन्ने !
और पन्नों के बीच
एक सुख चुका गुलाब
जो मैंने नही रखा था !
.
काश
कि उसी वक्त देख लेता
पलट कर पन्ने
उस किताब के !


....................... अरुन श्री !

Views: 738

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Arun Sri on April 20, 2012 at 9:59am

दिव्या मैम ,  आपकी  सराहना के लिए धन्यवाद !

Comment by दिव्या on April 20, 2012 at 9:38am

पुरानी किताब के पन्ने पलटना  मन मे एक टीस उठा गया ........... काश हमेशा रह जाता है |

 काश
कि उसी वक्त देख लेता
पलट कर पन्ने
उस किताब के !


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on April 19, 2012 at 9:13pm

भाई अरुण जी और सरिता जी, इस अदम्य विश्वासी वार्तालाप से मन विभोर हो गया. 

आप दोनों गुणीजनों को मेरा हार्दिक धन्यवाद ..   :-)))

Comment by Arun Sri on April 19, 2012 at 8:56pm

सरिता सिन्हा मैम ,
अब क्या करें गलती हो ही गई तो ! अगली बार कोई किताब वापस मिलेगी तो जरूर देखूंगा !   :)) :))

माहौल हल्का करने के लिए आपका धन्यवाद , आपकी विनोदप्रियता का अभिनन्दन !

Comment by Sarita Sinha on April 19, 2012 at 5:51pm
अरुण जी नमस्कार,
बड़ी करुण कथा है,इसी लिए कहा जाता है कि हर समय चैतन्य रहना चाहिए..उसी समय देखना चाहिए था न....
क्षमा कीजिये गा...भारी माहौल थोडा हल्का भी तो होना चाहिए...वरना गम तो गले का पत्थर होता है, डुबा कर ही छोड़ता है..
Comment by Arun Sri on April 19, 2012 at 12:35pm

प्रदीप सर , बहुत बहुत धन्यवाद !

Comment by Arun Sri on April 19, 2012 at 12:35pm

महिमा श्री जी , आपकी आत्मीय प्रतिक्रिया ने उत्साहित किया ! धन्यवाद !

Comment by Arun Sri on April 19, 2012 at 12:33pm

राजेश कुमारी मैम , जिंदगी के सफर में अक्सर वक्त बहुत कुछ हमसे छीन लेता है और कुछ हम खुद खो देते है और फिर बस एक ही शब्द बचता है अपने पास " काश ......................... !"
आपने कविता को सम्मान दिया इसके लिए आभारी हूँ !

Comment by Arun Sri on April 19, 2012 at 12:31pm

वंदना गुप्ता मैम , आपका निशब्द होना मेरे लिए सम्मान की बात है ! आपकी प्रतिक्रिया आत्ममुग्धता का कारण बनी ! दृष्टी बनाए रखें ! सादर धन्यवाद !

Comment by Arun Sri on April 19, 2012 at 12:30pm

शैलेन्द्रर कुमार भ्रमर सर , सच कहा ऐसा भी  होता है ! और हमें पता चलता है देर हो चुकी होती है ! धन्यवाद !

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

amita tiwari posted a blog post

निर्वाण नहीं हीं चाहिए

निर्वाण नहीं हीं चाहिए---------------------------कैसा लगता होगाऊपर से देखते होंगे जबमाँ -बाबाकि…See More
3 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . .अधर

दोहा पंचक. . . . . अधरअधरों को अभिसार का, मत देना  इल्जाम ।मनुहारों के दौर में, शाम हुई बदनाम…See More
3 hours ago
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सभी सदस्यों को सादर सप्रेम राधे राधे सभी चार आयोजन को को दो भागों में विभक्त किया जा सकता है। ( 1…"
8 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"चर्चा से कई और पहलू, और बिन्दु भी, स्पष्ट होंगे। हम उन सदस्यों से भी सुनना चाहेंगे जिन्हों ने ओबीओ…"
yesterday
pratibha pande replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"आदरणीय मिथिलेश जी के कहे से मैं भी सहमत हूँ। कैलेंडर प्रथम सप्ताह में आ जाय और हफ्ते बाद सभी आयोजन…"
Saturday
Dayaram Methani replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सभी आदरणीय को नमस्कार। आदरणीय तिलक राज कपूर जी का ये उत्तम विचार है। अगर इसमें कुछ परेशानी हो तो एक…"
Friday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . .युद्ध

दोहा सप्तक. . . . . युद्धहरदम होता युद्ध का, विध्वंसक परिणाम ।बेबस जनता भोगती ,  इसका हर  अंजाम…See More
Friday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"इस सारी चर्चा के बीच कुछ बिन्दु और उभरते हैं कि पूरे महीने सभी आयोजन अगर ओपन रहेंगे तो…"
Friday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"आदरणीय, नमस्कार  यह नव प्रयोग अवश्य सफलता पूर्वक फलीभूत होगा ऐसा मेरा विश्वास है तथा हमें…"
Thursday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सुझाव सुन्दर हैं ।इससे भागीदारी भी बढ़गी और नवीनता भी आएगी । "
Thursday

मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi" replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
" कृपया और भी सदस्य अपना मंतव्य दें ।"
Mar 11
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"तरही का मुख्य उद्देश्य अभ्यास तक सीमित है, इस दृष्टि से और बहरों पर भी तरही मिसरे देना कठिन न होगा…"
Mar 11

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service