For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

जे जीवन से खुबे कईलास प्यार ,

जे जीवन से खुबे कईलास प्यार ,
ओकर जीवन बेकार हो गईल ,

ये भरम में त मत रहा इयर ,
की इ जीवन हमर हो गईल ,

चाहे जेतना तू पाउडर लगाला ,
आई बुढ़ापा सूरत बेकार हो गईल ,

कबो माई बाबूजी कबो भाई भौजाई ,
पत्नी आउर बचवान पर मनवा हेराइल ,

जवानी बितावाला तू मस्ती में ईयार ,
लागल जीवन साकार हो गइल ,

जे परभू के चरण में दिनवा बितावल ,
उहो ता भव सागर पर हो गइल ,

अब का पछताई करबा त ईयार ,
सारी उमर जब पार हो गइल ,

कहस गुरु मान बतिया हमार ,
सोचा प्रभु से प्यार हो गइल ,

Views: 499

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Rana Pratap Singh on September 6, 2010 at 9:11pm
बहुत सुन्दर गीत| ईश भक्ति से बढ़कर कुछ भी नहीं है|
Comment by Raju on April 2, 2010 at 12:51pm
Guru bhaiya raur ee rachna humra ab tak me se sabse badhiya lagal......
Comment by Mahesh Jee on April 1, 2010 at 8:20pm
Guru jee aap ke likhl e rchna hmar dil ke chhu gyil.aap shi kahtani e jvani t shukl pkch ke chand ba je dhire - dhire lupt ho jala. ye jvani pr ka etraye ke ba jb ki malume ba ki budanpa aavhi ke ba t kahe na hmni ke jvani me kuchh achchh kam kyil jav jese dusra ke labh hokhe. Pilhal aap ke e rchna khatir bhute bhut dhnyvad.
Comment by PREETAM TIWARY(PREET) on April 1, 2010 at 7:23pm
bahut badhiya guru jee,...........
अब का पछताई करबा त ईयार ,
सारी उमर जब पार हो गइल ,
dhanyabaad etna badhiay rachna khatir....
Comment by Team Admin on April 1, 2010 at 7:20pm
bahut badhiay guru jee................
चाहे जेतना तू पाउडर लगाला ,
आई बुढ़ापा सूरत बेकार हो गईल ,
ek baar fer se dhanyabaad..........
Comment by Admin on April 1, 2010 at 5:48pm
गुरु जी, राउर कविता कुछ न कुछ बहुत ही गंभीर बात आ एतना आसानी से कह जाला की हम का बताई, रौआ बिलकुल सही कहत बानी की इ भौतिक जीवन मे कुछ नैखे रखल, असली जीवन त आध्यात्म के ही बा, जे आपन जीवन ख़ाली अपना खातिर जियलस वोकर नाव लेनीहार भी न होला, जबकि जे आपन जीवन दोसरा खातिर बिता देहलस वो अमर हो जाला, बहुत बढ़िया कविता गुरु जी, धन्यवाद,

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
9 hours ago
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
19 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
23 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
yesterday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा एकादश. . . . . पतंग
"आदरणीय सुशील सरनाजी, पतंग को लगायत दोहावलि के लिए हार्दिक बधाई  सुघड़ हाथ में डोर तो,…"
yesterday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
yesterday
Sushil Sarna posted blog posts
Tuesday
रवि भसीन 'शाहिद' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय Jaihind Raipuri जी,  अच्छी ग़ज़ल हुई। बधाई स्वीकार करें। /आयी तन्हाई शब ए…"
Tuesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on रामबली गुप्ता's blog post कर्मवीर
"कर्मवीरों के ऊपर आपकी छांदसिक अभिव्यक्ति का स्वागत है, आदरणीय रामबली गुप्त जी.  मनहरण…"
Tuesday
Jaihind Raipuri posted a blog post

ग़ज़ल

2122    1212    22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत मेंक्या से क्या हो गए महब्बत में मैं ख़यालों में आ गया उस…See More
Tuesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service