For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

मन नहीं है

उषा अवस्थी

अब कुछ भी लिखने का, मन नहीं है

 

क्या कहें ? साहित्य के नाम पर

चलाए जा रहे व्यापार में

ख़रीद-फ़रोख़्त के बाज़ार में

 

बिकने का मन, नहीं है

अब कुछ भी लिखने का, मन नहीं है

इस दुनिया की इक छोटी सी बस्ती में

रहती हूँ, कोई बड़ी हस्ती नहीं हूँ मैं

शकुनी की शतरंजी झूठी इन चालों से

मोहरों के बेवजह पिटने का, ग़म नहीं है

अब कुछ भी लिखने का, मन नहीं है

नश्वर संसार के काल्पनिक जंजालों की 

भ्रान्ति में फँसने का कोई भी, भ्रम नहीं है

अब कुछ भी लिखने का, मन नहीं है

मौलिक एवं अप्रकाशित

Views: 137

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Usha Awasthi on September 22, 2023 at 3:44pm

 आदरणीय सुशील सरन जी,आपकी सुन्दर प्रतिक्रिया प्राप्त कर प्रसन्नता हुई।  हार्दिक धन्यवाद आपका,सादर।।

Comment by Sushil Sarna on September 22, 2023 at 2:36pm
अन्तस भावों की सहज अभिव्यक्ति आदरणीया जी । हार्दिक बधाई
Comment by Usha Awasthi on September 22, 2023 at 6:24am

आदरणीय डा0 विजय शंकर जी,रचना अच्छी लगी, जानकर खुशी हुई। हार्दिक आभार आपका,सादर। 

Comment by Dr. Vijai Shanker on September 22, 2023 at 3:44am

आदरणीय उषा अवस्थी जी , रचना अछी है। हाँ , यह भी कहा जाता है कि कभी कभी कुछ लिखना हम लोगों की विवशता भी होती है ,रचना के लिए बधाई , सादर।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-164
"आ. भाई महेंद्र जी, अभिवादन। उत्साहवर्धन के लिए आभार।"
22 minutes ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-164
"आ. भाई संजय जी, हार्दिक आभार।"
26 minutes ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-164
"आ. भाई आजी तमाम जी, हार्दिक धन्यवाद।"
27 minutes ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-164
"आ. भाई अमित जी, अभिवादन। गजल पर उपस्थिति और उत्साहवर्धन के लिए धन्यवाद।"
28 minutes ago
जयनित कुमार मेहता replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-164
"आदरणीय लक्ष्मण जी, सादर अभिवादन! आपका हार्दिक आभारी हूँ।"
1 hour ago
जयनित कुमार मेहता replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-164
"आदरणीय Aazi Tamaam जी, सादर अभिवादन! आपका बहुत बहुत धन्यवाद!"
1 hour ago
जयनित कुमार मेहता replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-164
"आदरणीय नादिर ख़ान जी, सादर अभिवादन! आपका हृदय से आभारी हूँ।"
1 hour ago
जयनित कुमार मेहता replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-164
"आदरणीया ऋचा जी, सादर अभिवादन! ग़ज़ल तक पहुँचने और खूबसूरत टिप्पणी से नवाज़ने के लिए आपका हार्दिक आभारी…"
1 hour ago
जयनित कुमार मेहता replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-164
"आदरणीय Zaif जी, सादर अभिवादन! आगे से अवश्य ध्यान रखूँगा। आपका बहुत बहुत धन्यवाद।"
1 hour ago
जयनित कुमार मेहता replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-164
"आदरणीय संजय जी, सादर अभिवादन!  उत्साहवर्धन के लिए आपका हार्दिक आभारी हूँ।"
1 hour ago
Mahendra Kumar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-164
"बहुत शुक्रिया आदरणीय आज़ी जी। आभारी हूँ। मतले में एक पुकार है कि बजाय अपनी ज़िन्दगी को किसी के…"
1 hour ago
Mahendra Kumar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-164
"आभारी हूँ आदरणीय लक्ष्मण जी। बहुत शुक्रिया।"
2 hours ago

© 2024   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service