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Neelima Sharma Nivia's Blog (4)

घातक हैं नाजायज रिश्ते

जिन्दगी कब अपने रंग दिखा दे कुछ कहा नही जा सकता समय समय पर जिदगी में धुप और छाव का मौसम आता जाता हैं। एक लड़की की जिन्दगी भी ना जाने कितने मौसम लेकर आती हैं जब एक तरह के मौसम के साथ अब्यस्त होने लगती हैं तो मौसम का दूसरा रंग बदल जाता हैं और वोह घूमती रहती हैं अपने आप को सम्हालती हुयी तो कभी भिगोती हुयी । भावनाओं का अतिरेक भी उनकी संवेदनशीलता पर हावी होकर बहा ले जाता हैं उनको समंदर में जहाँ दिर डूबना होता हैं बाहर निकल आने का कोई रास्ता नही होता और यह जब रिश्तो के…

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Added by Neelima Sharma Nivia on March 27, 2014 at 6:53pm — 4 Comments

तन्हाई

सुनो!!!

यु तनहा रहने का

शउर

सबको नही आता

तनहा होना अलग होता हैं

अकेले होने से

और

मैं तनहा हूँ

क्युकी तुम्हारी यादे

तुम्हारी कही /अनकही बाते

मुझे कमजोर करती हैं

लेकिन

तुम्हारी हस्ती

मेरे वजूद में एक हौसला सा बसती है

परन्तु

यह  तन्हाई

सिर्फ मेरे हिस्से में ही नही आई हैं

तेरी…

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Added by Neelima Sharma Nivia on April 8, 2013 at 4:59pm — 13 Comments

तुम लिख देना इतिहास मेरे नाम से

तुम लिख देना इतिहास मेरे नाम से .
 
 
तुम लिख देना इतिहास मेरे नाम से 

तुम्हारे कडवे झूठो , तीखे बयानों से 

कितना भी कीचड़ उड़ेलो मेरे जज्बातों पर 

मैं बहार आऊँगी चन्दन की महक से 





मेरी मुखरता तुम्हे उद्वेलित करती हैं 

मेरी ख़ामोशी तुमको आक्रोशित करती हैं 

तुम कैसे स्वीकार सकते हो मेरे अस्तित्व…
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Added by Neelima Sharma Nivia on March 25, 2013 at 6:31pm — 7 Comments

सोच

निशा की आँखे  दर्द कर रही थी, कई दिनों से जलन हो रही थी बस हर बार खुद का ख्याल न रखने की आदत और हर बार अपना ही इलाज टाल जाना उसकी आदतों में शुमार हो गया था । सुनील आज जबरदस्ती उसको दृष्टि क्लिनिक ले ही गये ..  . सामने कतार लगी थी । इतने लोग अपनी आँखे टेस्ट करने आये हैं, सोच कर निशा को हैरानी हुई । अपना नंबर आने पर भीतर गयी और डाक्टर की बताई जगह पर चुपचाप बैठ गयी ..  आँखे टेस्ट करते हुए डाक्टर की आँखों में खिंच आई चिंता की लकीरों को निशा ने…

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Added by Neelima Sharma Nivia on February 15, 2013 at 6:30pm — 9 Comments

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