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अजय कुमार सिंह
  • Male
  • Lucknow (U.P.)
  • India
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Male
City State
Lucknow
Native Place
Ghazipur
Profession
Doctor

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अजय कुमार सिंह's Blog

साथी! तोड़ न मेरे पात...

साथी! तोड़ न निर्दयता से चुन चुन मेरे पात...



नन्हीं एक लता मैं  निर्बल,

मेरे पास न पुष्प न परिमल,

मेरा सञ्चित कोष यही बस,

कुछ पत्ते कुम्हलाये कोमल,

तोड़ न दे यह शाख अकिञ्चन, निर्मम तीव्र प्रवात...



मैं हर भोर खिलूँ मुस्काती,

पर सन्ध्या आकुलता लाती,

साँस साँस भारी गिन गिन मैं,

रजनी का हर पहर बिताती,

एक नये उज्ज्वल दिन की आशा, मेरी हर रात...



पड़ती तेरी ज्वलित दृष्टि जब,

भीत प्राण भी हो जाते तब,

सहमी सकुचायी मैं…

Continue

Posted on January 22, 2014 at 3:30pm — 20 Comments

बोगेनविलिया की पंखुड़ियाँ

बोगेनविलिया की पंखुड़ियाँ

शायद खिलने वाली हैं...



तुमने कल की सारी बातें

जल्दी जल्दी चुन चुन कर,

अपनी जेबों में भर ली हैं

कितनी बेतरतीबी से,

कुछ तो खोकर भूल गयी हैं,

पर कुछ गिरने वाली हैं...



उस दिन कितनी कोशिश करके

हमने धूप बिछायी थी,

अल्फ़ाज़ों की कुछ शाखों से

कुछ पत्ते भी टूटे थे,

उन पर ठहरी खामोशी की

बूँदें झरने वाली हैं...



अलसाये नाज़ुक होठों की

हिलती डुलती टहनी पर,

कोहरे वाले मौसम में भी

पीली… Continue

Posted on January 15, 2014 at 2:04pm — 12 Comments

बग़ावत तज़ुर्बे से...

रूबरू होता हूँ मैं उससे आजकल जब भी,
देखता हूँ उसे हैरत भरी निगाहों से,
उसके चेहरे पे घिरी रहती है एक मायूसी,
और निगाहों में कोई तल्ख़ सी उदासी भी,
उसकी मानो तो, हक़ीकत यही उदासी है,
और उसके लिये हर ख्वाब महज़ धोखा है,
मुझसे कहता है वो, कि "तुम भी बदल जाओगे,
तुमसे जब ज़िन्दगी के सच का सामना होगा।"
है वो वाक़िफ़ बग़ैर-शक़ बड़े तज़ुर्बों से,
और देखा है ज़माने को भी मुझसे ज्यादा,
उसने महसूस किये…
Continue

Posted on December 19, 2013 at 12:30pm — 12 Comments

कौन जाने...

कौन जाने

सिर्फ मैं हूँ,

या कि कोई और भी है,

जो उलझता है,

तड़पता है,

झुलसता है,

कभी फिर

बुझ भी जाता है...

जो उलझता है,

कि जैसे

ज़िन्दगी के क़ायदे-क़ानून

बनकर साजिशों के तार

चारों ओर से घेरा बनाकर

हर नये सपने

हर एक ख़्वाहिश

के सीने में चुभाकर

रवायतों की सलाईयाँ,

बुनते और बिछाते जा रहे हों

मकड़ियों के जाल...

जो तड़पता है,

उसी मानिन्द

जैसे सीपियों…

Continue

Posted on November 27, 2013 at 5:51pm — 13 Comments

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