For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

राजनीतिक पार्टिया मिल कर कल खूब बंद-बंद का त्योहार मनाया, भारत बंद के नाम पर लफंगो का समूह सरेआम गुंडागर्दी करते देखे गये, आम जनता पूरे दिन बंद की चक्की मे पीसती रही, एक आकलन के मुताबिक देश को 13 हज़ार करोड़ का चूना लगा जो अंततः भारत के आम जनता को ही किसी ना किसी माध्यम से भुगतना होगा, पूरे दिन के एकदिवसीय बंद-बंद टूर्नामेंट खेलने के बाद शाम मे खिलाड़ी मज़े से गला तर करते हुये अपनी अपनी जीत का दावा करते रहे, कौन जीता कौन हारा यह तो पता नही पर भारत की आम जनता पूरी तरह से हार गई इसमे तो कोई शक नही ही है,
खैर जो बीत गया वो बीत गया पर सवाल है क़ि क्या महगाई के विरोध मे किये गये भारत बंद से अब हम भारतीयो को महगाई से निजात मिल जाएगी ? कृपया आप सभी अपनी राय दे,

Views: 1481

Reply to This

Replies to This Discussion

आम जनता के द्वारा चुनी गई सरकार और उनके मंत्रिमंडल को हिजड़ा कह कर संबोधित करना कितना उचित है? यह मंच ऐसे शब्दों के प्रयोग कि निंदा करता है, वैसे यह आपकी अपनी राय है, हो सके तो इसे एडिट कर ले, धन्यवाद,


आप के बात से मैं सहमत लेकिन उनका क्या कहा जाये जो मूक दर्सक बन के देख रहे हैं और जो इधर के हो न उधर के उन्हें हिजड़ा ही संबोधन किया जाता हैं अगर आपको इस सब्द से आपको एतराज हैं तो हम अपना सब्द वापस ले रहा हूँ और उसके जगह पर दोयम किसिम के लोग की फ़ौज बोलता हु धन्य बाद सर
kahne sunne ke din gaye
ab kahne ya sunne se nahi hoga

kuch thos kar ke dikhana hoga......hame khud hi satta me ana hoga

yahan hame se matlab hai imandar,saaf suthre...aur yuva jo desh ki tarakki aur garibi se nizaat dilana chahte hai....

politics is not a business bt these leaders made it like that......

system me badlauw lana hoga.....kranti ki mashal jalani hogi.........
बिरेश जी , बिलकुल सही आप कह रहे है, सत्ता से दूर रहकर नेताओं को गाली देने से अच्छा है की इमानदार और स्वच्छ छवि के लोग चुनाव लड़े और जीते , बहुत ही उम्द्दा ख्यालात है आपके, धन्यवाद,
MAHANGAI KE VIRODH ME BAND SAHI TARIKA BILKUL NAHI HAI
to aap hi btaye ki sahi tarika kia hai???

hum agli baar se wahi apnayenge.......

galti dhundna asan hota hai

pr uske nedaan bhi to kahye????
hum chup bhi to nahi baith sakte na??

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Samar kabeer replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"बहुत शुक्रिय: भाई शैख़ शहज़ाद उस्मानी जी ।"
2 hours ago
Samar kabeer commented on मनोज अहसास's blog post अहसास की ग़ज़ल:मनोज अहसास
" // मुझे तो इसकी बह्र ठीक ही लग रही है// बह्र ठीक है, मुझसे ही भूल हुई,क्षमा चाहता हूँ, आप…"
2 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा त्रयी. . . मैं क्या जानूं
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। अच्छे दोहे हुए हैं । हार्दिक बधाई। आ. भाई समर जी की बात से सहमत हूँ…"
6 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post गजल -लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई समर जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति, उत्साहवर्धन व मार्गदर्शन के लिए आभार।"
6 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Dr.Prachi Singh posted a blog post

अक्सर मुझसे पूछा करती.... डॉ० प्राची

सपनों में भावों के ताने-बाने बुन-बुनअक्सर मुझसे पूछा करती...बोलो यदि ऐसा होता तो फिर क्या होता ?...…See More
11 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"आदाब। ओपनबुक्सॉनलाइनडॉटकॉम के संस्थापक एवं संचालन समीति द्वारा मुहतरम जनाब समर कबीर साहिब को तरही…"
13 hours ago
गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post अगर हक़ीक़त में प्यार था तो सनम हमारे मज़ार जाएँ (137)
"आदरणीय , समर कबीर साहेब , आपकी हौसला आफ़जाई के लिए दिल से शुक्रगुज़ार हूँ |"
19 hours ago
मनोज अहसास commented on मनोज अहसास's blog post अहसास की ग़ज़ल:मनोज अहसास
"हार्दिक आभार आदरणीय समर साहब 'मन घिरा है वासना में,और मर्यादा में तन'--- इस मिसरे की बह्र…"
19 hours ago
Rakhee jain posted blog posts
22 hours ago
Tapan Dubey joined Admin's group
Thumbnail

ग़ज़ल की कक्षा

इस समूह मे ग़ज़ल की कक्षा आदरणीय श्री तिलक राज कपूर द्वारा आयोजित की जाएगी, जो सदस्य सीखने के…See More
22 hours ago
Tapan Dubey joined Admin's group
Thumbnail

सुझाव एवं शिकायत

Open Books से सम्बंधित किसी प्रकार का सुझाव या शिकायत यहाँ लिख सकते है , आप के सुझाव और शिकायत पर…See More
22 hours ago
Tapan Dubey joined Admin's group
Thumbnail

चित्र से काव्य तक

"ओ बी ओ चित्र से काव्य तक छंदोंत्सव" में भाग लेने हेतु सदस्य इस समूह को ज्वाइन कर ले |See More
22 hours ago

© 2022   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service