For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

रविकर's Discussions (650)

Discussions Replied To (221) Replies Latest Activity

"बढिया है आदरणीय"

रविकर replied Sep 14, 2018 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-95

254 Sep 15, 2018
Reply by Samar kabeer

"उत्तम, बधाई"

रविकर replied Sep 14, 2018 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-95

254 Sep 15, 2018
Reply by Samar kabeer

"खूब कहा"

रविकर replied Sep 14, 2018 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-95

254 Sep 15, 2018
Reply by Samar kabeer

"वाह भाई वाह"

रविकर replied Sep 14, 2018 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-95

254 Sep 15, 2018
Reply by Samar kabeer

"वो भी क्या दिन थे गजब, करते जिनका जिक्र। माँ की प्यारी गोद में, था जीवन बेफिक्र। था…"

रविकर replied Sep 14, 2018 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-95

254 Sep 15, 2018
Reply by Samar kabeer

"सुंदर यादें"

रविकर replied Sep 14, 2018 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-95

254 Sep 15, 2018
Reply by Samar kabeer

"सुंदर प्रस्तुति। बधाइयाँ"

रविकर replied Sep 14, 2018 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-95

254 Sep 15, 2018
Reply by Samar kabeer

"सवैया प्रथम प्रस्तुति कर्तब कर्तब मा करके, भरके घरबार निभावत है | माँग रहा अधिकार स…"

रविकर replied Oct 10, 2014 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 48 (Now Closed)

514 Oct 12, 2014
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"सुन्दर है घनाक्षरी, कथ्य शिल्प सह भरी धन्य कवि विरादरी, कीरत फैलाइये || आभार आदरणीय…"

रविकर replied Dec 15, 2013 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 38 (Now Closed)

956 Dec 16, 2013
Reply by Saurabh Pandey

"सुन्दर प्रस्तुतिआदरणीयकहीं मात्राओं कि गणना में भूल-चूक हो गई है-कृपया एक बार देख ले…"

रविकर replied Dec 15, 2013 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 38 (Now Closed)

956 Dec 16, 2013
Reply by Saurabh Pandey

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"आ. भाई सुशील जी , सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर दोहा मुक्तक रचित हुए हैं। हार्दिक बधाई। "
1 hour ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"आदरणीय अजय गुप्ताअजेय जी, रूपमाला छंद में निबद्ध आपकी रचना का स्वागत है। आपने आम पाठक के लिए विधान…"
5 hours ago
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"आदरणीय सौरभ जी सृजन के भावों को आत्मीय मान से अलंकृत करने का दिल से आभार आदरणीय जी ।सृजन समृद्ध हुआ…"
6 hours ago
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"आदरणीय सौरभ जी सृजन आपकी मनोहारी प्रतिक्रिया से समृद्ध हुआ । आपका संशय और सुझाव उत्तम है । इसके लिए…"
6 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"  आदरणीय सुशील सरना जी, आयोजन में आपकी दूसरी प्रस्तुति का स्वागत है। हर दोहा आरंभ-अंत की…"
6 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"  आदरणीय सुशील सरना जी, आपने दोहा मुक्तक के माध्यम से शीर्षक को क्या ही खूब निभाया है ! एक-एक…"
6 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

देवता क्यों दोस्त होंगे फिर भला- लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"

२१२२/२१२२/२१२ **** तीर्थ  जाना  हो  गया  है सैर जब भक्ति का हर भाव जाता तैर जब।१। * देवता…See More
13 hours ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"अंत या आरंभ  --------------- ऋषि-मुनि, दरवेश ज्ञानी, कह गए सब संतहो गया आरंभ जिसका, है अटल…"
yesterday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"दोहा पंचक  . . . आरम्भ/अंत अंत सदा  आरम्भ का, देता कष्ट  अनेक ।हरती यही विडम्बना ,…"
yesterday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"दोहा मुक्तक. . . . . आदि-अन्त के मध्य में, चलती जीवन रेख ।साँसों के अभिलेख को, देख सके तो देख…"
yesterday
vijay nikore commented on vijay nikore's blog post सुखद एकान्त है या है अकेलापन
"नमस्ते, सुशील जी। आप से मिली सराहना बह्त सुखदायक है। आपका हार्दिक आभार।"
yesterday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा एकादश. . . . . पतंग

मकर संक्रांति के अवसर परदोहा एकादश   . . . . पतंगआवारा मदमस्त सी, नभ में उड़े पतंग । बीच पतंगों के…See More
Wednesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service