For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Chhaya Shukla's Discussions (194)

Discussions Replied To (143) Replies Latest Activity

"हार्दिक आभार आपका आदरणीय अमित जी "

Chhaya Shukla replied Dec 22, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-90

651 Dec 23, 2017
Reply by Samar kabeer

"आभार बहन राजेश जी दिल से "

Chhaya Shukla replied Dec 22, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-90

651 Dec 23, 2017
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय रवि जी नमन स्वीकारें प्रयास की सराहना के  हृदय से धन्यवाद त्रुटि इंगित करने ह…"

Chhaya Shukla replied Dec 22, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-90

651 Dec 23, 2017
Reply by Samar kabeer

"बहन राजेश कुमारी जी आपकी मजी लेखनी से निसृत गजल पढना सुखद रहा | प्रिय शे'अर- आदमी ही…"

Chhaya Shukla replied Dec 22, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-90

651 Dec 23, 2017
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय रवि शुक्ला जी शानदार ग़जल के लिए हार्दिक बधाई आपको -पसंदीदा शे'अर -अब रिलेशन न…"

Chhaya Shukla replied Dec 22, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-90

651 Dec 23, 2017
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय मोहम्मद आरिफ़ साहब आप की उपस्थिति का स्वागत है | इस उत्साह वर्धन के लिए आभार प…"

Chhaya Shukla replied Dec 22, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-90

651 Dec 23, 2017
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय समर कबीर साहब आपकी ग़ज़ल मुझे पाठशाला लगी | आपको प्रस्तुत अशआर के लिए दिली दाद…"

Chhaya Shukla replied Dec 22, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-90

651 Dec 23, 2017
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय महेंद्र कुमार जी इस सुंदर ग़ज़ल के लिए दिली दाद आपको आपकी ग़ज़ल से ये शे'अर मुझे…"

Chhaya Shukla replied Dec 22, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-90

651 Dec 23, 2017
Reply by Samar kabeer

"चाल जिसकी मदभरी सद्दाम है |वो विफल हर मोड़ पर नाकाम है | बस्तियाँ ये जो बचीं सब सूर…"

Chhaya Shukla replied Dec 22, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-90

651 Dec 23, 2017
Reply by Samar kabeer

"जी, सप्रेम आभार आपका बहन "

Chhaya Shukla replied Jul 29, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-85

376 Jul 29, 2017
Reply by Gajendra shrotriya

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
Tuesday
Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183

आदरणीय साहित्य प्रेमियो, जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर…See More
Tuesday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। संयोग शृंगार पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Tuesday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

 अभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही मधुगंध ।। प्रेम लोक की कल्पना,…See More
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 6
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Feb 5
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Feb 5
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Feb 5
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 4
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Feb 4

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Feb 4

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service