For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

ram shiromani pathak's Discussions (831)

Discussions Replied To (588) Replies Latest Activity

"वाह वाह क्या कहने आदरणीय बहुत ही सटीक प्रस्तुति।।हार्दिक बधाई आपको"

ram shiromani pathak replied Sep 11, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-59

661 Sep 12, 2015
Reply by Ravi Shukla

"सुन्दर अशआर हुए है भाई।।बधाई आपको"

ram shiromani pathak replied Sep 11, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-59

661 Sep 12, 2015
Reply by Ravi Shukla

"क्या बात है आदरणीया विविध रंगो से सजी सुन्दर ग़ज़ल हार्दिक बधाई आपको।।सादर"

ram shiromani pathak replied Sep 11, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-59

661 Sep 12, 2015
Reply by Ravi Shukla

"बहुत प्यारी ग़ज़ल आदरणीय हार्दिक बधाई आपको।।सादर"

ram shiromani pathak replied Jan 30, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-55

567 Jan 31, 2015
Reply by MAHIMA SHREE

"वाह वाह बहुत खूब आदरणीय।।हार्दिक बधाई आपको"

ram shiromani pathak replied Dec 26, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - 54

597 Dec 27, 2014
Reply by शिज्जु "शकूर"

"बहुत सुन्दर ग़ज़ल आदरणीय।।बहुत बहुत बधाई आपको।।सादर"

ram shiromani pathak replied Dec 26, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - 54

597 Dec 27, 2014
Reply by शिज्जु "शकूर"

"मोहन भाई सुन्दर गज़ल//हार्दिक बधाई आपको "

ram shiromani pathak replied Nov 28, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - 53

415 Nov 29, 2014
Reply by भुवन निस्तेज

"कमसिनी थी न तो जवानी थीकुछ अजब तौर की कहानी थी **जिश्म  से  रूबरू न थे लेकिनदरमियाँ …"

ram shiromani pathak replied Nov 28, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - 53

415 Nov 29, 2014
Reply by भुवन निस्तेज

"ख़ूब ख़ुशहाल जिंदगानी थी अम्न-ओ-चैन था जवानी थी   जानता था सभी लकीरों को हाथ दौलत न आन…"

ram shiromani pathak replied Nov 28, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - 53

415 Nov 29, 2014
Reply by भुवन निस्तेज

"इसलिए हार हमने मानी थी, जो मुसीबत थी, आसमानी थी.///इसमें किसका ज़ोर चलेगा . कुछ तो तू…"

ram shiromani pathak replied Nov 28, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - 53

415 Nov 29, 2014
Reply by भुवन निस्तेज

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . . घूस

दोहा सप्तक. . . . . घूसबिना कमीशन आजकल, कब होता है काम ।कैसा भी हो काम अब, घूस हुई है आम ।।घास घूस…See More
1 hour ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . . प्यार

दोहा सप्तक. . . . प्यारप्यार, प्यार से माँगता, केवल निश्छल प्यार ।आपस का विश्वास ही, इसका है आधार…See More
Monday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई चेतन जी, उत्साहवर्धन व स्नेह के लिए आभार।"
Sunday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय "
Sunday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ.लक्ष्मणसिह धानी, 'मुसाफिर' साहब  खूबसूरत विषयान्तर ग़ज़ल हुई  ! हार्दिक …"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई चेतन जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर मुक्तक हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"
Sunday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"ग़ज़ल   बह्र ए मीर लगता था दिन रात सुनेगा सब के दिल की बात सुनेगा अपने जैसा लगता था…"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'

बदला ही राजनीति के अब है स्वभाव में आये कमी कहाँ  से  कहो  फिर दुराव में।१। * अवसर समानता का कहे…See More
Saturday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
" दोहा मुक्तक :  हिम्मत यदि करके कहूँ, उनसे दिल की बात  कि आज चौदह फरवरी, करो प्यार…"
Saturday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"दोहा एकादश. . . . . दिल दिल से दिल की कीजिये, दिल वाली वो बात । बीत न जाए व्यर्थ के, संवादों में…"
Saturday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service