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नयना(आरती)कानिटकर's Discussions (929)

Discussions Replied To (859) Replies Latest Activity

"आ. तस्दिक जी अच्छी लघुकथा के लिए बधाई स्वीकार करें"

नयना(आरती)कानिटकर replied Nov 30, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-32 (विषय: सुबह का भूला)

655 Dec 1, 2017
Reply by योगराज प्रभाकर

"ओह! क्या इस तरह की सौदे बाजी भी चलती है दूसरी शादी के लिए. मगर एक बात समझ नही आई एक…"

नयना(आरती)कानिटकर replied Nov 30, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-32 (विषय: सुबह का भूला)

655 Dec 1, 2017
Reply by योगराज प्रभाकर

"आ.उस्मानी जी शीर्शकानुकूल सार्थक रचना.  मेरे निजी मतानुसार प्रारंभिक संवाद कुछ ज्याद…"

नयना(आरती)कानिटकर replied Nov 30, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-32 (विषय: सुबह का भूला)

655 Dec 1, 2017
Reply by योगराज प्रभाकर

"आ.सविता जी सार्थक रचना. देर आए दुरस्त आए. जब भी अपने किए का पछतावा हो और उसे भूल मान…"

नयना(आरती)कानिटकर replied Nov 30, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-32 (विषय: सुबह का भूला)

655 Dec 1, 2017
Reply by योगराज प्रभाकर

" लघुकथा गोष्ठी का आरंभ सार्थक  लघुकथा से करने पर बहुत बहुत बधाई। "

नयना(आरती)कानिटकर replied Nov 30, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-32 (विषय: सुबह का भूला)

655 Dec 1, 2017
Reply by योगराज प्रभाकर

""ट्रायलरुम" मॉल के ट्रायलरूम में खड़ी वह अपने नितांत सौंदर्य को निहार रही थी..अपने…"

नयना(आरती)कानिटकर replied Nov 30, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-32 (विषय: सुबह का भूला)

655 Dec 1, 2017
Reply by योगराज प्रभाकर

"आ. सभी सुधिजन जिन्होंने रचना पर अपना अमूल्य समय दिया सभी की आभारी हूँ.  दिन भर के का…"

नयना(आरती)कानिटकर replied Oct 31, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-31 (विषय: फ़रिश्ते)

626 Nov 1, 2017
Reply by योगराज प्रभाकर

"प्रणाम भाई जी, आपने रचना को अनुमोदित कर दिया. दिली सुकून मिला. रचना का प्लाट तो ८-१०…"

नयना(आरती)कानिटकर replied Oct 31, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-31 (विषय: फ़रिश्ते)

626 Nov 1, 2017
Reply by योगराज प्रभाकर

"आ. रवी दादा इन्कमटैक्स रिटन की फ़ाईलिंग डेट बढ जाने से मुझे मौका मिल गया यहाँ आने का.…"

नयना(आरती)कानिटकर replied Oct 31, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-31 (विषय: फ़रिश्ते)

626 Nov 1, 2017
Reply by योगराज प्रभाकर

""अनावरण"----- उनका जीवन तो खाना बनाने में ही बित गया था। चालीस वर्षो से सुबह शाम बस …"

नयना(आरती)कानिटकर replied Oct 31, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-31 (विषय: फ़रिश्ते)

626 Nov 1, 2017
Reply by योगराज प्रभाकर

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