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डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव's Discussions (3,041)

Discussions Replied To (2042) Replies Latest Activity

"आदरणीय खुर्शीद भाई आप तो हमेशा अच्छा ही लिखते हो i यह भी मकबूल गजल है i   बुरा हूं य…"

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव replied Feb 13, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महाउत्सव" अंक-52

901 Feb 14, 2015
Reply by maharshi tripathi

"महनीया बेहतरीन गजल i कांटें यहाँ बिखरे कई आँचल जरा बिछा लूँ    हर पल निहारुँगी तुझे…"

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव replied Feb 13, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महाउत्सव" अंक-52

901 Feb 14, 2015
Reply by maharshi tripathi

"आदरणीय  विजय सर ! अजीब रस्सा कसी है ,जिंदगी भी कैसी कैसी डोर से बंधी है। जीवन तो बस…"

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव replied Feb 13, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महाउत्सव" अंक-52

901 Feb 14, 2015
Reply by maharshi tripathi

"आदरणीय अनुज जब से आपने अतुकांत लिखना प्रारंभ किया है आपके गहन विचार मूर्त्त होते जा…"

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव replied Feb 13, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महाउत्सव" अंक-52

901 Feb 14, 2015
Reply by maharshi tripathi

"अखिलेश् जी बहुत ही सुन्दर दोहावली i भावपूर्ण i प्रभावपूर्ण i एक मनोरंजन करता हूँ -रख…"

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव replied Feb 13, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महाउत्सव" अंक-52

901 Feb 14, 2015
Reply by maharshi tripathi

"आदरणीय मिथिलेश जी सुन्दर प्रवाहमय पंच चामर  गीत पढ़कर हृदय  गदगद हौ उठा i आपकी प्रभाव…"

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव replied Feb 13, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महाउत्सव" अंक-52

901 Feb 14, 2015
Reply by maharshi tripathi

"                        सम्बन्ध  प्रथम पद   प्रभू जी मै लोटा तू डोर तू अमूल्य रस लेक…"

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव replied Feb 13, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महाउत्सव" अंक-52

901 Feb 14, 2015
Reply by maharshi tripathi

"प्रिय वामनकर जी आपकी स्नेहिल प्रतिक्रिया का आभारी हूँ i बावली और बावडी  समानार्थक है…"

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव replied Feb 11, 2015 to ‘ब्रह्मराक्षस’ का शिष्य बनने को अभीप्सित मुक्तिबोध -डा0 गोपाल नारायन श्रीवास्तव

4 Feb 11, 2015
Reply by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

"आदरणीय दुबे जी आपका आभार  और प्रस्तुति पर  स्वागत  i"

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव replied Feb 11, 2015 to ‘ब्रह्मराक्षस’ का शिष्य बनने को अभीप्सित मुक्तिबोध -डा0 गोपाल नारायन श्रीवास्तव

4 Feb 11, 2015
Reply by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

"आदरणीय दादा         आपके द्वारा प्रशस्त पथ  पर हम सब चलने का प्रयास कर रहे है i आपके…"

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव replied Feb 11, 2015 to ओपन बुक्स आन लाइन, लखनऊ चैप्टर की मासिक काव्य गोष्ठी दिनांक 25 जनवरी 2015 पर एक रिपोर्ट

8 Feb 11, 2015
Reply by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

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दोहा सप्तक. . . . प्यारप्यार, प्यार से माँगता, केवल निश्छल प्यार ।आपस का विश्वास ही, इसका है आधार…See More
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई चेतन जी, उत्साहवर्धन व स्नेह के लिए आभार।"
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Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय "
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Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ.लक्ष्मणसिह धानी, 'मुसाफिर' साहब  खूबसूरत विषयान्तर ग़ज़ल हुई  ! हार्दिक …"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई चेतन जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर मुक्तक हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"
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Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"ग़ज़ल   बह्र ए मीर लगता था दिन रात सुनेगा सब के दिल की बात सुनेगा अपने जैसा लगता था…"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'

बदला ही राजनीति के अब है स्वभाव में आये कमी कहाँ  से  कहो  फिर दुराव में।१। * अवसर समानता का कहे…See More
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Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
" दोहा मुक्तक :  हिम्मत यदि करके कहूँ, उनसे दिल की बात  कि आज चौदह फरवरी, करो प्यार…"
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Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"दोहा एकादश. . . . . दिल दिल से दिल की कीजिये, दिल वाली वो बात । बीत न जाए व्यर्थ के, संवादों में…"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"गजल*****करता है कौन दिल से भला दिल की बात अबबनती कहाँ है दिल की दवा दिल की बात अब।१।*इक दौर वो…"
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