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vandana's Discussions (1,253)

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"नव सुहागिन या वियोगिन के लिए तारे टाँके रात ने किन के लिए   नीतियों के संग होंगी रीत…"

vandana replied May 28, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-71

1049 May 28, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"इस हकीकत को कोई समझा नहीं"फूल जंगल में खिले किनके लिए"दिल में बैठे हैं किसी के और वो…"

vandana replied May 27, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-71

1049 May 28, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"वाह बहुत खूब बहुत सुन्दर ग़ज़ल हरेक शेर कमाल का "

vandana replied May 27, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-71

1049 May 28, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"बहुत खूबसूरत ग़ज़ल आदरणीय दिनेश जी ... बहुत 2 बधाई  जिस्म के बेचैन साकिन के लिएये ग़ज़ल…"

vandana replied May 27, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-71

1049 May 28, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"फूल, ख़ुशबू , ये बहारें, ये चमनवक़्फ़ हैं इक शौख़ कमसिन के लियेवक़्त आएगा तो कर देंगे वही…"

vandana replied May 27, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-71

1049 May 28, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"बढ़िया ग़ज़ल आदरणीय रिजवान जी बहुत 2 बधाई "

vandana replied May 27, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-71

1049 May 28, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"पार दरिया के उतरना था हमें,            कश्तियों को बेच कर तिनके लिये.  .  वो इधर से…"

vandana replied May 27, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-71

1049 May 28, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय सौरभ सर सादर नमन आपने सदैव मेरा मनोबल बढ़ाया है इसके लिए मैं आपकी सदैव आभारी र…"

vandana replied Apr 30, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-1 (विषय: दीवार)

1645 May 1, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

"बहुत २ आभार आदरणीया महिमा जी "

vandana replied Apr 29, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-1 (विषय: दीवार)

1645 May 1, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

"बहुत बढ़िया आदरणीय गोपाल सर "

vandana replied Apr 29, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-1 (विषय: दीवार)

1645 May 1, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

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