For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

umesh katara's Discussions (79)

Discussions Replied To (79) Replies Latest Activity

"दीपक हूँ मैं जो बुझ न सकूंगा हवाओं से   कोशिश तमाम कर के ये तूफ़ान तो गया  वाहहहहहहहह…"

umesh katara replied Mar 28, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-57

709 Mar 29, 2015
Reply by Saurabh Pandey

"वाह वाह"

umesh katara replied Mar 28, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-57

709 Mar 29, 2015
Reply by Saurabh Pandey

"-------------------------------------गमगीन करके आज वो महमान तो गयाजो बस गया दिलों मे…"

umesh katara replied Mar 28, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-57

709 Mar 29, 2015
Reply by Saurabh Pandey

प्रधान संपादक

"वाह वाह वाह मजा आ गया साहब होली होली कह के योगी , ओ बी ओ में घूमें डेढ़ पैग देसी का म…"

umesh katara replied Mar 5, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा-उत्सव" (होली स्पेशल) अंक-53

1413 Mar 7, 2015
Reply by Saurabh Pandey

प्रधान संपादक

"छन्न पकैया छन्न पकैया, ओ बी ओ अनुरागी  साजिन्दे हैं प्राची, राणा, सौरभ, योगी, बागी  …"

umesh katara replied Mar 5, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा-उत्सव" (होली स्पेशल) अंक-53

1413 Mar 7, 2015
Reply by Saurabh Pandey

"वाह वाह किसी के रोने तड़फने से कब कसाई रुकेकि वक़्त-ए-ज़ब्ह तो सिसकारियाँ नहीं चलतीं"

umesh katara replied Feb 28, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-56

666 Mar 1, 2015
Reply by Hari Prakash Dubey

"बहुत खूबसूरत मतले से सजी गजल वाह--------------वहाँ किसी की भी अय्यारियाँ नहीं चलतींख़…"

umesh katara replied Feb 28, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-56

666 Mar 1, 2015
Reply by Hari Prakash Dubey

"वाह रंग भरी इस गजल के लिये Hari Prakash Dubey जी बहुत बहुत मुबारकवादजो भाभियों ने लि…"

umesh katara replied Feb 28, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-56

666 Mar 1, 2015
Reply by Hari Prakash Dubey

"जफ़ा ,फरेब पे टिकती न प्यार की दुनिया   दिलों के खेल में खुद्दारियाँ नहीं चलतीं    वा…"

umesh katara replied Feb 28, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-56

666 Mar 1, 2015
Reply by Hari Prakash Dubey

"ये कैफियत भी अजब हो गई जमाने कीबुजुर्ग बाप की बेगारियाँ नहीं चलतीं क्या बात है साहब…"

umesh katara replied Feb 28, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-56

666 Mar 1, 2015
Reply by Hari Prakash Dubey

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई चेतन जी, उत्साहवर्धन व स्नेह के लिए आभार।"
22 hours ago
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय "
yesterday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ.लक्ष्मणसिह धानी, 'मुसाफिर' साहब  खूबसूरत विषयान्तर ग़ज़ल हुई  ! हार्दिक …"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई चेतन जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर मुक्तक हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"
yesterday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"ग़ज़ल   बह्र ए मीर लगता था दिन रात सुनेगा सब के दिल की बात सुनेगा अपने जैसा लगता था…"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'

बदला ही राजनीति के अब है स्वभाव में आये कमी कहाँ  से  कहो  फिर दुराव में।१। * अवसर समानता का कहे…See More
Saturday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
" दोहा मुक्तक :  हिम्मत यदि करके कहूँ, उनसे दिल की बात  कि आज चौदह फरवरी, करो प्यार…"
Saturday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"दोहा एकादश. . . . . दिल दिल से दिल की कीजिये, दिल वाली वो बात । बीत न जाए व्यर्थ के, संवादों में…"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"गजल*****करता है कौन दिल से भला दिल की बात अबबनती कहाँ है दिल की दवा दिल की बात अब।१।*इक दौर वो…"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"सादर अभिवादन।"
Saturday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service