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फिर आएंगे नेता मेरे गांव में |

फिर आएंगे नेता मेरे गांव में |

अबके लूँगा सबको अपने दाव में |

पूछूँगा सड़क क्यों बनी नहीं ?

हैण्ड पम्प क्यों  लगा नहीं ?

क्यों बिजली नहीं आई मेरे गांव में ?

फिर आएंगे नेता मेरे गांव में |

मंहगाई इतनी क्यों बढ़ी हुई है ?

डीजल की कीमत क्यों चढ़ी हुई है ?

क्यों दाल-सब्जी सस्ती नहीं मेरे गांव में ?

फिर आएंगे नेता मेरे गांव में |

अबके लूँगा सबको अपने दाव में |

पूछूँगा कब मैंने मन्दिर माँगा ?

कब तुमसे मैंने मस्जिद मांगी ?

अबके नहीं लगने दूंगा वोटों का भाव मैं ?

फिर आएंगे नेता मेरे गांव में |

अबके लूँगा सबको अपने दाव में |

 

नवल किशोर सोनी /

“मौलिक एवं अप्रकाशित”

 

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Comment

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Comment by Naval Kishor Soni on October 15, 2018 at 12:47pm

शुक्रिया सर !

Comment by नाथ सोनांचली on October 13, 2018 at 8:41am

आद0 नवल किशोर जी सादर अभिवादन। बढ़िया प्रयास है पर कई जगह टंकण त्रुटियाँ हुई है।  इस प्रयास पर बधाई स्वीकार कीजिये

Comment by Naval Kishor Soni on October 10, 2018 at 12:29pm

Thank you.

Comment by V.M.''vrishty'' on October 10, 2018 at 10:09am
बहुत खूब

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