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""ग़ज़ल कुम्भ २०१६ आयोजित
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अंजुमन फ़रोग़-ए-उर्दू के तत्वावधान में वरिष्ठ ग़ज़लकार श्री दीक्षित दनकौरी की अगुआई में 09 जनवरी 2016 को अखिल भारतीय ग़ज़ल गोष्ठी 'ग़ज़ल-कुम्भ' का सफल एवं यादगार आयोजन, ईस्ट एण्ड क्लब, शाहदरा, दिल्ली मे किया गया ।
राष्ट्रीय स्तर आयोजित 'ग़ज़ल-कुम्भ' 9 जनवरी 2016 को दोपहर 2 बजे से आरम्भ होकर,
10 जनवरी 2016 को सुबह 7 बजे तक चला | इसमें ग़ज़लों की अनवरत धारा बहती रही और उपस्थित ग़ज़लगो इसमें सराबोर होते रहे | ग़ज़ल कुम्भ में देश के विभिन्न हिस्सों से आये करीब दो सौ शायरों और शायरात ने अपनी उपस्थिति दर्ज़ कराई ।
प्रति वर्ष आयोजित होने वाले चर्चित ग़ज़ल कुम्भ में इस वर्ष दो सत्र हुए ग़ज़ल-कुम्भ के प्रथम सत्र की अध्यक्षता, वरिष्ठ एवं प्रसिद्ध शायर, श्री सीमाब सुलतानपुरी ने की । बदायूँ से पधारे बुज़ुर्ग शायर श्री फ़हमी बदायूँनी इस सत्र के मुख्य अतिथि थे | चर्चित समकालीन शायर श्री कृष्ण कुमार नाज़ के संचालन मे ग़ज़ल-कुम्भ का प्रथम सत्र, दोपहर 2 बजे से आरम्भ होकर शाम 7 बजे तक चला । रात साढ़े आठ बजे ग़ज़ल-कुम्भ का दूसरा सत्र आरम्भ हुआ । वरिष्ठ कवि पदमभूषण श्री गोपालदास नीरज के सान्निध्य, और अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वरिष्ठ शायर पदमश्री जनाब बेकल उत्साही की अध्यक्षता मे सम्पन्न हुए इस द्वितीय-सत्र का अत्यन्त कुशल संचालन प्रख्यात ग़ज़लकार श्री दीक्षित दनकौरी ने किया । इस अवसर पर नेपाल के प्रसिद्ध कवि श्री बसन्त कुमार चौधरी के काव्य-संग्रह 'आँसुओं की सियाही से' का लोकार्पण भी हुआ नेपाली कवि श्री बसंत चौधरी का यह पहला हिंदी काव्य संग्रह है | इसके उपरान्त ग़ज़ल-कुम्भ के द्वितीय-सत्र का रात 9 बजे से आरम्भ हुआ | ग़ज़ल पाठ का क्रम सुबह 7 बजे तक चलता रहा | ग़ज़ल कुम्भ में उपस्थित शायरों व शायरात में लक्ष्मी शंकर बाजपेयी , अशोक अंजुम , नीना शहर , मधु गुप्ता , नीलम मेंदिरात्ता , गीतिका वेदिका ,सन्दीप शजर, सन्तोष सिंह, ब्रजेश तरुवर, राशिद गुनावी ,जितेन्द्र राजपुरोहित, अभिनव अरुण , गोविन्द गुलशन ,मधुप मोहता , पुष्पेन्द्र पुष्प ,वैद्यनाथ सारथी , अनुराग गैर , राजेन्द्र कलकल ,चांदनी पाण्डेय , चाँद मुहम्मद आखिर ,तालिब तूफानी और मुनीश तनहा के नाम उल्लेखनीय हैं ।

- अभिनव अरुण , बनारस (उ.प्र.) |

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Comment by Abhinav Arun on February 11, 2016 at 1:52pm

जिस मंच पर ग़ज़ल कहने की शुरुआत की , जहां सीखा , उसे ही समर्पित !! आभार ओ बी ओ !!

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