For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

बात ही बात है

हर जगह बात है

हवा थक चुकी है

बात ही बात से,

बूँदों को बार बरसना पड रहा है

ताकि उसकी तरफ भी कोई देखे,

लेकिन लोगों को बात से फुरसत नहीं है।

बात को बात से लडाया जा रहा है

बात किसी को नहीं देख पा रही है

कौन उसका है,और कौन पराया है

बात लोगों से नाराज है।

बात ही बात से।

लोगों के दिमाग़ पर छाई है बात

बात लोगों से तंग है

लोग बातों से तंग हैं

ये वर्तमान में जीने के ढंग हैं।

बात बेमतलब हँस लेती है

तो ठहाका नाराज हो जाता है

बात छहाके को मतलब समझाती है

लेकिन ठहाका हर बार लटक जाता है

चिपक जाता है बात ही बात से।

मौलिक व अप्रकाशित

Views: 373

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on March 23, 2014 at 3:23am

समसामयिक रचना के लिए बहुत-बहुत बधाई, आदरणीय.

Comment by सूबे सिंह सुजान on March 10, 2014 at 12:16am

राजेश कुमारी जी , आप का धन्यवाद, आप ने बात ही बात को सराहा । शुक्रिया

Comment by सूबे सिंह सुजान on March 10, 2014 at 12:15am

मीना पाठक जी, आपकी बधाईयाँ मिली आपका सादर धन्यवाद

Comment by सूबे सिंह सुजान on March 10, 2014 at 12:14am

गिरिराज भंडारी, जी आपको नमस्कार, आपने हौंसला बढाया धन्यवाद

Comment by सूबे सिंह सुजान on March 10, 2014 at 12:13am

बिद्यानाथ  सारथी जी, आपका धन्यवाद


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on March 5, 2014 at 10:31am

बात ही बात है बात ही बात है ....बात शब्द को केन्द्रित करके लिखी रचना पढ़ कर अच्छी लगी बधाई सूबे सिंह जी 

Comment by Meena Pathak on March 4, 2014 at 4:47pm
Waah !! Kyaa Baat hai ,, Badhai.. Saadar

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on March 4, 2014 at 11:24am

आदरणीय सूबे सिंह जी , बहुत सुन्दर रचना के लिये आपकओ बधाइयाँ ।

Comment by Saarthi Baidyanath on March 4, 2014 at 10:56am

हवा थक चुकी है

बात ही बात से,....क्या बात है मान्यवर ! खूब ! एक बढ़िया रचना के लिए बधाई !

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post देवता क्यों दोस्त होंगे फिर भला- लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई सौरभ जी सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति और विस्तृत टिप्पणी से मार्गदर्शन के लिए हार्दिक आभार।…"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post सच काफिले में झूठ सा जाता नहीं कभी - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति और उत्साहवर्धन के लिए हार्दिक धन्यवाद।"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post आदमी क्या आदमी को जानता है -लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई रवि जी सादर अभिवादन। गजल पर आपकी उपस्थिति का संज्ञान देर से लेने के लिए क्षमा चाहता.हूँ।…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय अशोक भाई, आपके प्रस्तुत प्रयास से मन मुग्ध है. मैं प्रति शे’र अपनी बात रखता…"
Friday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत : सूर्य के दस्तक लगाना // सौरभ
"रचना पर आपकी पाठकीय प्रतिक्रिया सुखद है, आदरणीय चेतन प्रकाश जी.  आपका हार्दिक धन्यवाद "
Friday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत : सूर्य के दस्तक लगाना // सौरभ
"उत्साहवर्द्धन के लिए हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय अशोक भाईजी "
Friday
Ashok Kumar Raktale posted blog posts
Friday
Chetan Prakash commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत : सूर्य के दस्तक लगाना // सौरभ
"नव वर्ष  की संक्रांति की घड़ी में वर्तमान की संवेदनहीनता और  सोच की जड़ता पर प्रहार करता…"
Friday
Sushil Sarna posted blog posts
Friday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . क्रोध
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय जी । "
Friday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . क्रोध
"आदरणीय अशोक रक्ताले जी सृजन पर आपकी समीक्षात्मक प्रतिक्रिया का दिल से आभार । इंगित बिन्दु पर सहमत…"
Friday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post कुर्सी जिसे भी सौंप दो बदलेगा कुछ नहीं-लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई सौरभ जी सादर अभिवादन। गजलपर उपस्थिति और सप्रेमं मार्गदर्शन के लिए हार्दिक आभार। इसे बेहतर…"
Thursday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service