For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

!!! नवगीत !!!


अब तो आजा मीत मेरे, पलकें हो गई नम।
गीत में यूं दर्द छिपें हैं, सासें हो गई गर्म।।

जीवन इक पल का लगता है,
दिन लगता इक वर्ष।
रातें तारों जैसी लगती है,
अनगिनती हर पल।।..... अब तो आजा.....

तुम बिन सूनी सब गलियां,
सूना लगता है उपवन।
जलघट बिन पनघट जाती हूं,
छलक-छलक जाता यौवन।।..... अब तो आजा ...

अखिंयां राह बिछी फूलों संग,
बगिया हैं बौराए सब।
प्राण उड़-उड़ जाते पत्तों से,
रूक जाती दिल की धड़कन।।...... अब तो आजा ...

अंधड़ लू सी सांसे चलती हैं,
चांदनी मे जलता तन-मन।
सावन संग घनश्याम न आए,
बरस पड़े नयनों के शब ।।..... अब तो आजा .....


के0पी0सत्यम/मौलिक एवं अप्रकाशित

Views: 515

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by केवल प्रसाद 'सत्यम' on May 15, 2013 at 8:51pm

आ0 गुरूवर सौरभ सर जी,   जी सर!  आपके आशीष और स्नेह के प्रति तहेदिल से हार्दिक आभारी हूं।  सादर,


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on May 15, 2013 at 5:01pm

प्रयासरत रहें..

शुभेच्छाएँ.. .

Comment by केवल प्रसाद 'सत्यम' on May 13, 2013 at 9:02pm

आ0 कुशवाहा जी,  सर जी,  नवगीत की सराहना एवं अपार स्नेह के लिए आपका तहेदिल से हार्दिक आभार।  सादर,

Comment by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA on May 13, 2013 at 4:39pm

अंधड़ लू सी सांसे चलती हैं,
चांदनी मे जलता तन-मन।
सावन संग घनश्याम न आए,
बरस पड़े नयनों के शब ।।..... अब तो आजा

बहुत खूबसूरत अभिव्यक्ति 

प्यारा सा गीत 

बधाई प्रिय केवल प्रसाद जी 

सस्नेह 

Comment by केवल प्रसाद 'सत्यम' on May 12, 2013 at 12:08pm

आ0 जवाहर लाल जी,   आपके स्नेह एवं उत्साहवर्धन के लिए तहेदिल से हार्दिक आभार।  सादर,

Comment by केवल प्रसाद 'सत्यम' on May 12, 2013 at 12:07pm

आ0  कुन्ती मैम जी,   आपके स्नेह एवं उत्साहवर्धन के लिए तहेदिल से हार्दिक आभार।  सादर,

Comment by केवल प्रसाद 'सत्यम' on May 12, 2013 at 12:06pm

आ0  श्याम नारायण जी,   आपके उत्साहवर्धन एवं स्नेह के लिए तहेदिल से हार्दिक आभार।  सादर,

Comment by JAWAHAR LAL SINGH on May 12, 2013 at 5:47am

अंधड़ लू सी सांसे चलती हैं,
चांदनी मे जलता तन-मन।
सावन संग घनश्याम न आए,
बरस पड़े नयनों के शब ।।..... अब तो आजा .....

बहुत ही सुंदर विरह गीत ! 

Comment by coontee mukerji on May 11, 2013 at 6:24pm

बहुत सुंदर भावभीनी विरहगीत .केवल जी आप तो हर विधा के धनी है . /सादर / कुंती .

Comment by Shyam Narain Verma on May 11, 2013 at 6:09pm
बहुत बहुत बधाई इस सुन्दर रचना के लिए ……………..

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Chetan Prakash replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"  आदरणीय,  तकनीकी दृष्टिकोण से मैं कुछ  अधिक नहीं कह सकता । किन्तु यदि हमारा …"
21 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सभी विद्वद्जन अपने-अपने हिसाब कुछ न कुछ चर्चा कर रहे हैं, उपाय बता रहे हैं, आदरणीय ..  आप भी…"
Friday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
" आदरणीय सौरभ साहब,  अंततोगत्वा कुछ ऐसा प्रबंध तो होना ही चाहिए कि ओ,बी,ओ पराभव को प्राप्त…"
Friday
जगदानन्द झा 'मनु' added a discussion to the group मैथिली साहित्य
Thumbnail

भक्ति गजल

सजल कन्हाइ रूपक रस बहाबैएहरिक ई रूप दुनियाकेँ रिझाबैएमुकुटपर पैंख मोरक मोहनी सोहैहियामे रस सिनेहक ई…See More
Thursday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"  उत्साहित बने रहने और सतत चलते रहने के सुझाव से निस्सृत होती सकारात्मकता का आयाम आश्वस्तिकारी…"
Jun 8
धर्मेन्द्र कुमार सिंह replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"जब कविता कोश चल सकता है तो ओबीओ क्यूँ नहीं। वहाँ भी शुरू में जो लोग थे आज नहीं हैं। नए-नए लोग…"
Jun 6

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"चर्चा में आपकी उपस्थिति तथा आपके भावमय शब्दों का स्वागत है आदरणीय मिथिलेश जी. "
Jun 6
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post "प्यारी दुश्मन" -[लघु कथा] (18)
"मेरी इस रचना के अवलोकन हेतु पाठकों को हार्दिक धन्यवाद।"
Jun 6
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post "शह और शिकस्त" - [लघुकथा] 25 (शतरंज संदर्भित) - शेख़ शहज़ाद उस्मानी
"मेरी इस रचना पर 446 अवलोकन हेतु हार्दिक आभार पाठकों के प्रति।"
Jun 6
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post सूरज के तेवर (लघुकथा) [छंदोत्सव-58 चित्र से प्रेरित] /शेख़ शहज़ाद उस्मानी
"रचना पटल पर उपस्थिति, समीक्षात्मक टिप्पणी और सवाल हेतु हार्दिक धन्यवाद आदरणीया कान्ता रॉय जी। मेरी…"
Jun 5
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
" सादर नमस्कार आदरणीय मंच। कुछ अन्य सुझाव: 1- सदस्यों से सहयोग राशि एकत्रित कर ओबीओ की पत्रिका…"
Jun 1
आशीष यादव replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अच्छा सुझाव"
Jun 1

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service