For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

छन्न पकैया .......

छन्न पकैया - छन्न पकैया, सूरज दावानल है.
सूख रहीं हैं नदियाँ सारी, सड़के रहीं पिघल हैं.
**
छन्न पकैया - छन्न पकैया,जलता आलम सारा.
थर्मा-मीटर की नलिका में, ताव मारता पारा.
**
छन्न पकैया - छन्न पकैया, बीसुर रही हरियाली.
मुरझाते फूलों के मुख से , हुई  नदारत लाली.
**
छन्न पकैया - छन्न पकैया,लस्सी,कुल्फी,मठ्ठा,
तीनो मिलकर ना बैठा दें , ग्रीष्म-ऋतु का भठ्ठा.
**
छन्न पकैया - छन्न पकैया, नभ फेंके अंगारें.
लू की लहरें दिखा रहीं हैं, सबको दिन में तारे!!
**
छन्न पकैया - छन्न पकैया, गौरैया  बेहाल!
नल के ऊपर चोंच मारते, जीना हुआ मुहाल.
**
छन्न पकैया - छन्न पकैया, लोग ये आते-जाते.
गमछा लेकर सूर्य-कोप से, मुखड़ा  आज चुराते.
**
अविनाश बागडे...

Views: 696

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by दुष्यंत सेवक on May 5, 2012 at 11:11am

हा हा हा हा .. जी ज़रूर, सौभाग्य होगा मेरा.. आऊंगा तो ज़रूर मिलूँगा सर

Comment by AVINASH S BAGDE on May 5, 2012 at 10:28am

Dr.Prachi Singh ....right mam.

दुष्यंत सेवक ....kabhi to nanihal aao...

MAHIMA SHREE ....meri khushkismati...

आशीष यादव ....aabhar bhai ji.

and

rajesh kumari mam..shukriya aap ko meri bat chhoo gai.



सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on May 4, 2012 at 6:25pm

वाह अविनाश जी छन्न पकैया के माध्यम से ग्रीष्म ऋतू का पूरा वर्णन कर डाला बहुत सुन्दर सामयिक छन्न पकैया

छन्न पकैया - छन्न पकैया,लस्सी,कुल्फी,मठ्ठा,

तीनो मिलकर ना बैठा दें , ग्रीष्म-ऋतु का भठ्ठा.
**vaah...vaah

 

Comment by आशीष यादव on May 4, 2012 at 6:05pm
वाह अविनाश सर, इस भीषण गर्मी के ताव को अपनी छन्न पकैया मे खूबसूरती से बताया। और हाँ ये भी बताया कि क्या तीन चीजेँ गर्मी से बचा सकती हैँ। बेहतरीन प्रस्तुति पर हार्दिक बधाई।
Comment by MAHIMA SHREE on May 4, 2012 at 5:03pm
छन्न पकैया - छन्न पकैया,लस्सी,कुल्फी,मठ्ठा,
तीनो मिलकर ना बैठा दें , ग्रीष्म-ऋतु का भठ्ठा.

छन्न पकैया - छन्न पकैया, गौरैया बेहाल!
नल के ऊपर चोंच मारते, जीना हुआ मुहाल.
आदरणीय अविनाश जी ,
नमस्कार .. सर बहुत बढ़िया है आपका छन्न पकैया..
बधाई स्वीकार करे ..
Comment by दुष्यंत सेवक on May 4, 2012 at 4:06pm

यह छन् पकैया विदर्भ की भीषण गर्मी की उपज है जो आदरणीय बागडे साहब नागपुर में भोग रहे हैं .. खैर अच्छे छंद पकाए हैं सर नागपुर की गर्मी में :) 


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on May 4, 2012 at 2:08pm

छन्न पकैया - छन्न पकैया, गौरैया बेहाल!

नल के ऊपर चोंच मारते, जीना हुआ मुहाल.

How wonderfully the status of ground water depletion is reflecting in these lines.

Best wishes respected Avinash Ji.

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Awanish Dhar Dvivedi posted a blog post

माँ

माँ यह शब्द नहींं केवलइस जग की माँ से काया है। हम सबकी खातिर अतिपावन माँ के आँचल की छाया है।१।माँ…See More
Tuesday
Dayaram Methani replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अगर आप यों घबरा कर मैदान छोड़ देंगे तो जिन्होने एक जुट होकर षड़यन्त्र किया है वे अपनी जीत मानेंगे।…"
Tuesday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अब, जबकि यह लगभग स्पष्ट हो ही चुका है कि OBO की आगे चलने की संभावना नगण्य है और प्रबंधन इसे ऑफलाइन…"
Monday
amita tiwari posted a blog post

बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें

बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें बेगुनाही और इन्साफ की बात क्यों सोचती हैं ये औरतें चुपचाप अहिल्या बन…See More
May 15
amita tiwari commented on amita tiwari's blog post गर्भनाल कब कट पाती है किसी की
" मान्य,सौरभ पांडे जीआशीष यादव जी , , ह्रदय से आभारी हूँ. स्नेह बनाए रखियगा | सौरभ जी ने एक…"
May 14

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on amita tiwari's blog post बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें
"आदरणीया अमिताजी, तार्किकता को शाब्दिक कर तटस्थ सवालों की तर्ज में बाँधा जाना प्रस्तुति को रुचिकर…"
May 14

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी, आपकी प्रस्तुति निखर कर सामने आयी है. सभी शेर के कथ्य सशक्त हैं और बरबस…"
May 14

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय नीलेश भाई, आपका स्वागत है.     करेला हो अथवा नीम, लाख कड़वे सही, लेकिन रुधिर…"
May 14
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय बाग़ी जी एवं कार्यकारिणी के सभी सदस्यगण !बहुत दुखद है कि स्थिथि बंद करने तक आ गयी है. आगे…"
May 13

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय अजय गुप्ता जी, आपकी भावनाओं और मंच के प्रति आपके जुड़ाव को शब्द-शब्द में महसूस किया जा सकता…"
May 13
amita tiwari and आशीष यादव are now friends
May 11
amita tiwari commented on amita tiwari's blog post प्यादे मान लिये जाते हैं मात्र एक संख्या भर
"मान्यवर  सौरभ पांडे जी , सार्थक और विस्तृत टिप्पणी के लिए आभार."
May 11

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service