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जयति जैन "नूतन"
  • Female
  • Jhansi u.p.
  • India
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जयति जैन "नूतन"'s Page

Profile Information

Gender
Female
City State
ranipur
Native Place
Jhansi u.p.
Profession
writer , pharmacist
About me
लोगों की भीड़ से निकली साधारण लड़की जिसकी पहचान बेबाक और स्वतंत्र लेखन है... वर्तमान लेखन- सामाज़िक लेखन, दैनिक व साप्ताहिक अख्बार, चहकते पंछी ब्लोग, साहित्यपीडिया, शब्दनगरी व प्रतिलिपि वेबसाइट पर

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जयति जैन "नूतन"'s Blog

निशब्द संसार

तुम शब्द हो

और मैं अर्थ

तुम हो तो मैं हुं

शब्द बिन अर्थ बेकार

निशब्द संसार

 

तुम प्रीत हो

और मैं जोगन…

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Posted on December 1, 2017 at 7:30pm — 3 Comments

कमाल की बात है

बुजुर्गों को सत्ता और युवाओ को बेरोजगार बनाया है,
कमाल है इतने सालों में क्या देश हमने बनाया है ! 
टेक्स हमने भरे सारे, नेताओं ने जमकर मौज उडाया है,
कमाल की बात है कि हमने अब तक इन्साफ नहीं पाया है !
घोटालों पर घोटाले होते रहे और हम खुली आंखों सोते रहे,
कमाल की बात है कानून के नाम पर क्या बेवकूफ़ बनाया है !
शिक्षित लोग, विकसित देश का सपना लिये फ़िर रहे हैं हम,
कमाल की बात है ऊचे पद पर अनपढो को बैठाया है…
Continue

Posted on November 26, 2017 at 2:30pm — 2 Comments

कविता- जी एस टी

कविता- जी एस टी
 
मैं सो रही थी मुझे उठाया गया,
नींद में ही गाडी में बैठाया गया !
होश में आती उससे पहले ही बताया गया, 
व्यापारियों का खून चूसने जीएसटी लगाया गया !
 
अधिकारी के दफ़्तर संग लाया गया,
टेक्स का सारा…
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Posted on October 27, 2017 at 11:39pm — 1 Comment

कविता: जो खुद को सेकुलर नहीं मानते उनके लिए

बाहर हैं तो अभी सीधा घर जाइये

घर जाकर टी.वी. में आग लगाइये

सभी जाति -धर्म के लोग दिखाई देगें

फिल्म - सीरियल पर नजर दौड़ाइये

बच्चों को उस स्कूल में डालिये

जहां आपकी जाति के शिक्षक होने चाहिये

सामान हर दुकान से मत खरीदिये

दुकान भी आपकी जाति धर्म की होनी चाहिए

किस धर्म के आदमी ने बनाया है ये सामान ?

अपनी जाति के दुकानदार से पुछवाईये

आप सेकुलर नहीं जो किसी के भी हाथ का खालें

इसलिए कुछ दिन…

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Posted on October 23, 2017 at 11:00pm — 9 Comments

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