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डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव's Discussions (3,041)

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"आदरणीय सौरभ जी मै अभिभूत हूँ कि आपने कम से कम इस पर दृष्टि  डाली  i  आपके कथन से सहम…"

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव replied Aug 7, 2014 to उपनिषदों से जीवात्म रहस्य खंगालना - एक कोशिश

2 Aug 7, 2014
Reply by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

"nikore jee Hari Om Tat Sat .  I am speechless, Sir.  What a poetic salutation to swa…"

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव replied Jul 8, 2014 to FREEDOM ..... ( Vijay Nikore )

2 Jul 16, 2014
Reply by vijay nikore

"Dear sir Who else can define love in such a good manner than you ? I remember some l…"

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव replied May 22, 2014 to SACREDNESS OF LOVE .... (Vijay Nikore)

6 Nov 12, 2014
Reply by vijay nikore

"विजय जी क्या खूबसूरत लेख है  i यह आपके संवेदन गंभीर चरित्र का परिचायाक है i भाष शैली…"

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव replied May 21, 2014 to SELF ACTUALIZATION [ स्वानुभूति / आत्मसाक्षात्कार ]

4 May 21, 2014
Reply by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

"आदरणीय निकोर जी बड़ी मार्मिक समस्या उठायी है  आपने i  काम्प्लीसेंसी से  अधिक है उदासी…"

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव replied May 21, 2014 to अमरीका में भारतीय संस्कृति और शास्त्र-ज्ञान.....(विजय निकोर)

6 Jun 1, 2014
Reply by vijay nikore

"वीना  जी प्रवाह को आपने विषय बनाया i उसको जीवन से जोड़ा i  यह  सोच बड़ी पुरानी है  है…"

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव replied May 21, 2014 to प्रवाह ...मेरी शब्द यात्रा

3 May 21, 2014
Reply by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

"बिदु जी विलक्षण व्यक्तित्व के धनी तुलसीदास ने धर्म अधर्म को दो ही शब्दों में परिभाषि…"

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव replied May 21, 2014 to धर्म समाज और हम

5 May 21, 2014
Reply by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

"Rev. Sir I read your article twice . I do agree with your thoughts. Yes, Consciousne…"

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव replied May 21, 2014 to Does consciousness expand ?

2 May 21, 2014
Reply by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

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कुंडलिया. . .चमकी चाँदी  केश  में, कहे उम्र  का खेल । स्याह केश  लौटें  नहीं, खूब   लगाओ  तेल ।…See More
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