For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Manoshi Chatterjee's Discussions (25)

Discussions Replied To (7) Replies Latest Activity

"शुक्रिया जितेंद्र जी।  आप इस पुस्तक को अंजुअन प्रकाशन के वेबसाइट से प्राप्त कर सकते…"

Manoshi Chatterjee replied Aug 26, 2013 to साहित्यिक अंजुमन में मानोशी का उन्मेष

15 Aug 27, 2013
Reply by बृजेश नीरज

"धन्यवाद गीतिका जी। आप इस पुस्तक को अंजुअन प्रकाशन के वेबसाइट से प्राप्त कर सकती हैं।…"

Manoshi Chatterjee replied Aug 26, 2013 to साहित्यिक अंजुमन में मानोशी का उन्मेष

15 Aug 27, 2013
Reply by बृजेश नीरज

"धन्यवाद अरुन जी। आप इस पुस्तक को अंजुमन प्रकाशन के वेबसाइट से प्राप्त कर सकते हैं। य…"

Manoshi Chatterjee replied Aug 26, 2013 to साहित्यिक अंजुमन में मानोशी का उन्मेष

15 Aug 27, 2013
Reply by बृजेश नीरज

सदस्य टीम प्रबंधन

"सौरभ जी आपका बहुत बहुत धन्यवाद। "

Manoshi Chatterjee replied Aug 26, 2013 to पुस्तक समीक्षा : उन्मेष, कवियित्री:मानोशी, समीक्षक:राणा प्रताप सिंह

7 Aug 26, 2013
Reply by Manoshi Chatterjee

सदस्य टीम प्रबंधन

"धन्यवाद अभिनव जी। आप इस पुस्तक को अंजुअन प्रकाशन के वेबसाइट से प्राप्त कर सकते हैं।…"

Manoshi Chatterjee replied Aug 26, 2013 to पुस्तक समीक्षा : उन्मेष, कवियित्री:मानोशी, समीक्षक:राणा प्रताप सिंह

7 Aug 26, 2013
Reply by Manoshi Chatterjee

सदस्य टीम प्रबंधन

"आदरणीय राणा प्रताप जी, पुस्तक की इतनी बारीकी से सामीक्षा करने के लिये बहुत-बहुत धन्…"

Manoshi Chatterjee replied Aug 26, 2013 to पुस्तक समीक्षा : उन्मेष, कवियित्री:मानोशी, समीक्षक:राणा प्रताप सिंह

7 Aug 26, 2013
Reply by Manoshi Chatterjee

"आदरणीय बृजेश जी, मेरी किताब उन्मेष की समीक्षा हेतु धन्यवाद। आपने मेरी रचनाओं को ध्य…"

Manoshi Chatterjee replied Aug 26, 2013 to साहित्यिक अंजुमन में मानोशी का उन्मेष

15 Aug 27, 2013
Reply by बृजेश नीरज

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . . घूस

दोहा सप्तक. . . . . घूसबिना कमीशन आजकल, कब होता है काम ।कैसा भी हो काम अब, घूस हुई है आम ।।घास घूस…See More
7 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . . प्यार

दोहा सप्तक. . . . प्यारप्यार, प्यार से माँगता, केवल निश्छल प्यार ।आपस का विश्वास ही, इसका है आधार…See More
Monday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई चेतन जी, उत्साहवर्धन व स्नेह के लिए आभार।"
Sunday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय "
Sunday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ.लक्ष्मणसिह धानी, 'मुसाफिर' साहब  खूबसूरत विषयान्तर ग़ज़ल हुई  ! हार्दिक …"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई चेतन जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर मुक्तक हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"
Sunday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"ग़ज़ल   बह्र ए मीर लगता था दिन रात सुनेगा सब के दिल की बात सुनेगा अपने जैसा लगता था…"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'

बदला ही राजनीति के अब है स्वभाव में आये कमी कहाँ  से  कहो  फिर दुराव में।१। * अवसर समानता का कहे…See More
Saturday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
" दोहा मुक्तक :  हिम्मत यदि करके कहूँ, उनसे दिल की बात  कि आज चौदह फरवरी, करो प्यार…"
Saturday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"दोहा एकादश. . . . . दिल दिल से दिल की कीजिये, दिल वाली वो बात । बीत न जाए व्यर्थ के, संवादों में…"
Saturday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service