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कहते मक्का कोलकाता को ,
लगता कुंभ है मुंबई मे
काला कैसे हो सफेद ये
होती सभा है दुबई मे ,
रुपयो की इस मधुशाला मे
आओ आज रसपान कर लें
IPL की महाकुंभ मे
आओ आज स्नान कर लें
1-कहाँ पवार हैं कहाँ मनोहर,
कहाँ गयी उनकी धरोहर
चार दिन के इस शिशु पर नही चल
रही मनमानी,
सबकी बोलती बंद करने को
एक अकेले मोदी ने ठनी
2-कर देंगे सभी को अंदर,
नाचो तुम सब जैसे बंदर
अगर तुम ना नचोगे धुन पर
तो आओ भंगरा संग कर लें
IPL की महा,,,,,,,,,,,,,
3-मोदी है ब्रम्‍हा ,विष्णु वही हैं
वही महेश हैं पैसों का,
खोले त्रिनेत्रा तो धधकी है ज्वाला
उड़े होश है P.M जैसों का,
धन लक्षमी की दरिया मे
आज कुबेर का म्यान भर लें,,,
IPL की महा,,,,,,,,,,,,,
4-है हिम्मत तो हटाकर देखो,
ज़रा सा हमसे टकराकर देखो,
ना जले दिल तो कहना,
IPL की ज्वाला मे हाथ लगा के देखो,
जल जाओगे धू धू करके,
कैसे भी बचाव करले,
IPL की महा,,,,,,,,,,,,,
5-नही डालमिया इनको समझो
पत्ता हिला ना पाओगे,
आग का दरिया ये मोदी है,
हाथ लगाओ जल जाओगे,
काम धाम को छोड़आज हम
क्रिकेट का ही ज्ञान भर लें,
IPL की महा कुंभ मे आओ आज स्नान कर लें,

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Replies to This Discussion

bahut badhiya chitran ........
bahut badhiya likha hai aapne abhishek jee............bahut shaandar..........

aage bhi aisi rachna ka intezaar rahega.................

Aapka hi,
Preetam Kumar Tiwary
अभिषेक भाई आप तो कमाल कर दिये है, बहुत बढ़िया और मन खुश कर देने वाली रचना पोस्ट किये है, IPL मे केवल पैसा कि ही बात हो रही है, क्रिकेट तो कही दिखता ही नही है, अभी तो यह सुरूआत है आगे आगे देखिए कितने घड़ियाल फसते नज़र आयेंगे । बहरहाल IPL के बहाने एक अच्छी कविता पढ़ने को मिला, आगे भी आपकी रचना का इन्तजार रहेगा, धन्यबाद ।
jai hooooooooo.....mera favourite team CHENNAI SUPER KINGS jeet gaya..........
jai ho bahut badhia jandar sandar

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