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Chetan Prakash's Discussions (101)

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" आजी तमाम, भाई, आप ने मेरी राय पर बिना सोचे समझ े ग़लत बयानी  की है, मैंने कब कहा कि…"

Chetan Prakash replied Apr 24 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-130

108 Apr 25
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

"आदाब,  भाई! ग़ज़ल नफ़ासत और  अपने माधुर्य के लिए  जानी  जाती है, न कि अभद्र शब्दों क…"

Chetan Prakash replied Apr 24 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-130

108 Apr 25
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

"आदाब भाई दिनेश कुमार विश्वकर्मा, अच्छी  ग़ज़ल हुई।  हाँ, शाब्दिक स्तर पर  कहूँ तो आप…"

Chetan Prakash replied Apr 24 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-130

108 Apr 25
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

"आदाब, जिन बड़े शायरों के नाम  आपने दिये है, ज़ाहिर  है, सभी  रूढ़िगत व्यवहार/ चलन को…"

Chetan Prakash replied Apr 24 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-130

108 Apr 25
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

"भाई आजी तमाम, आदाब, तमाम ग़ज़ल में क्रियाओं का दुहराव ग़ज़ल की मूल उद्भावना के विरुद…"

Chetan Prakash replied Apr 24 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-130

108 Apr 25
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

"नमन, भाई, अनिल कुमार सिंह, ग़ज़ल डालते हुए थोड़ा असावधानी बरती आपने, अन्यथा अच्छी ग़…"

Chetan Prakash replied Apr 24 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-130

108 Apr 25
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

" और, हाँ, पुनश्च आदाब, निलेश जी, " गर्म और सर्द इश्क़ की हम महसूस भी करते तो कैसे "…"

Chetan Prakash replied Apr 24 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-130

108 Apr 25
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

"ठीक- ठाक ग़ज़ल हुई है, लेकिन " मेरे शेर पर मेरा दिल तक दाद-वाद नहीं दे देता है" शब्द…"

Chetan Prakash replied Apr 24 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-130

108 Apr 25
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

"नमस्कार, भाई लक्ष्मण सिंह मुसाफ़िर, सराहनीय प्रस्तुति है, आपकी, सिवाय तद्भव शब्द, '…"

Chetan Prakash replied Apr 24 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-130

108 Apr 25
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

"नमस्कार, आदरेया, मात्रिक गठन की दृष्टि से उल्लेखनीय ग़ज़ल है, आप की  ! बाक़ी प्रवाह…"

Chetan Prakash replied Apr 24 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-130

108 Apr 25
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

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Gurpreet Singh jammu commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post मातृ दिवस पर ताजातरीन गजल -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"वाह वाह आदरणीय लक्ष्मण धामी जी । मात्र दिवस पर मां को समर्पित बहुत ही खूबसूरत ग़ज़ल कही आप ने ।…"
4 hours ago
विनय कुमार posted a blog post

हम क्यों जीते हैं--कविता

हम सांस लेते हैं, हम जीते हैं और एक दिन आखिरी सांस लेते हैं इस आखिरी सांस के पहले हमारे पास वक़्त…See More
7 hours ago
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"आ. भाई विजय निकोर जी, सादर अभिवादन । गजल पर उपस्थिति , स्नेह व उत्साहवर्धन के लिए आभार।"
13 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post अब हो गये हैं आँख वो भूखे से गिद्ध की- लक्ष्मण धामी'मुसाफिर'
"आ. भाई विजय जी, सादर अभिवादन । गजल पर उपस्थिति , स्नेह व उत्साहवर्धन के लिए आभार।"
13 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post कालिख लगी है इनमें जो -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'( गजल )
"आ. भाई विजय जी, सादर अभिवादन । गजल पर उपस्थिति , स्नेह व उत्साहवर्धन के लिए आभार।"
13 hours ago
vijay nikore commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post कालिख लगी है इनमें जो -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'( गजल )
"ख्याल बहुत उम्दा हैं गज़ल में। हार्दिक बधाई, भाई लक्ष्मण जी।"
18 hours ago
vijay nikore commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post अब हो गये हैं आँख वो भूखे से गिद्ध की- लक्ष्मण धामी'मुसाफिर'
"आपकी यह गज़ल पढ़ कर भी आनन्द आ गया। हार्दिक बधाई, मेरे भाई, लक्ष्मण जी।"
19 hours ago
vijay nikore commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post मानता हूँ तम गहन सरकार लेकिन-लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"सामयिक स्थिति इंगित करती यह गज़ल अच्छी बनी है, भाई लक्ष्मण जी। हार्दिक बधाई।"
19 hours ago
Aazi Tamaam commented on Aazi Tamaam's blog post नग़मा: माँ की ममता
"सादर प्रणाम आ धामी सर जी सहृदय शुक्रिया हौसला अफ़ज़ाय व मार्गदर्शन के लिये सर मुझे कुछ अच्छा सूझ…"
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yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Aazi Tamaam's blog post नग़मा: माँ की ममता
"आ. भाई आज़ी तमाम जी, अभिवादन। अच्छा नगमा हुआ है । हार्दिक बधाई। अंतिम दोनों पंक्तियो में लय (गेयता)…"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on vijay nikore's blog post अनजाना उन्माद
"आ. भाई विजय निकोर जी, सादर अभिवादन । सुन्दर कविता हुई है । हार्दिक बधाई ।"
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