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Dimple Sharma's Discussions (173)

Discussions Replied To (173) Replies Latest Activity

"आदरणीय अमित कुमार'अमित'जी नमस्ते,ग़ज़ल पर आपकी उपस्थिति और हौसला अफजाई के लिए हृदय त…"

Dimple Sharma replied Sep 25, 2020 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-123

403 Sep 26, 2020
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय अमीरुद्दीन'अमीर'साहब आदाब, ग़ज़ल पर आपकी उपस्थिति मायने रखती है, आशीर्वाद और…"

Dimple Sharma replied Sep 25, 2020 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-123

403 Sep 26, 2020
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"आदरणीय सालिक गणवीर जी नमस्ते, ग़ज़ल पर आपकी उपस्थिति हौसला बढ़ाती है,क्षमा करें आदरण…"

Dimple Sharma replied Sep 25, 2020 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-123

403 Sep 26, 2020
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"आदरणीय अनिल कुमार सिंह जी नमस्ते, ग़ज़ल पर आपकी उपस्थिति और हौसला अफजाई के लिए बहुत…"

Dimple Sharma replied Sep 25, 2020 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-123

403 Sep 26, 2020
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"आदरणीय लक्ष्मण धामी'मुसाफिर'जी नमस्ते, ग़ज़ल पर आपकी उपस्थिति और हौसला अफजाई के लिए…"

Dimple Sharma replied Sep 25, 2020 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-123

403 Sep 26, 2020
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"सभी गुणीजनों को सादर नमन, इस ग़ज़ल को पोस्ट करते वक़्त जल्दबाजी में मुझसे एक टंकण त्…"

Dimple Sharma replied Sep 25, 2020 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-123

403 Sep 26, 2020
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय सुरेन्द्र नाथ सिंह'कुशक्षत्रप'जी नमस्ते, वाह वाह बहुत ख़ूब,हर शेर कमाल, ख़ूबस…"

Dimple Sharma replied Sep 25, 2020 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-123

403 Sep 26, 2020
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय सालिक गणवीर जी नमस्ते, ख़ूबसूरत ग़ज़ल पर बधाई स्वीकार करें आदरणीय, ग़ज़ल का छ…"

Dimple Sharma replied Sep 25, 2020 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-123

403 Sep 26, 2020
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"22  22  22  22   22   22   22   2 वो जन्नत की हूर थी उसकीआँखें काली काली थीं/1 लेकि…"

Dimple Sharma replied Sep 25, 2020 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-123

403 Sep 26, 2020
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय उस्ताद मोहतरम आदाब,चरण स्पर्श,आपका आशीर्वाद और स्नेह हम सबको यूं ही मिलता रहे…"

Dimple Sharma replied Sep 25, 2020 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-123

403 Sep 26, 2020
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आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
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घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
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Sushil Sarna posted a blog post

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Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
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