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ASHISH SHRIVASTAVA's Discussions (161)

Discussions Replied To (161) Replies Latest Activity

"आदरणीय वीरेन्द्र वीर जी, सादर नमस्कार। ध्यानाकर्षित कराने के लिए धन्यवाद। व्यक्ति की…"

ASHISH SHRIVASTAVA replied Aug 31, 2018 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-41 (विषय: आस्था)

638 Aug 31, 2018
Reply by योगराज प्रभाकर

"जनाब मुजफ्फर इक़बाल साहिब। अपने ही लिखे चंद अशआर को पढ़कर आंखें भर आईं, पूरी लघुकथा से…"

ASHISH SHRIVASTAVA replied Aug 31, 2018 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-41 (विषय: आस्था)

638 Aug 31, 2018
Reply by योगराज प्रभाकर

"अरे अहो भाग्य हमारे! जनाब अहमद खान साहिब, आपको देखकर मन गद्गद् हो गया। दूर रहकर भी आ…"

ASHISH SHRIVASTAVA replied Aug 31, 2018 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-41 (विषय: आस्था)

638 Aug 31, 2018
Reply by योगराज प्रभाकर

"सम्मानीय बरखा जी, माॅ तो माॅ ही होती है चाहे किसी की भी हो, इसी सार पर केन्द्रित लघु…"

ASHISH SHRIVASTAVA replied Aug 31, 2018 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-41 (विषय: आस्था)

638 Aug 31, 2018
Reply by योगराज प्रभाकर

"आदरणीय अजय जी, बहुत-बहुत धन्यवाद, आप अपनी ही लघुकथा की प्रतिक्रिया देने में इतना व्य…"

ASHISH SHRIVASTAVA replied Aug 31, 2018 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-41 (विषय: आस्था)

638 Aug 31, 2018
Reply by योगराज प्रभाकर

"आस्था से भीगा मन   ‘‘मुझे भी क्या सूझी। आधी रात को बारिश में पुरानी स्कूटर लिये निकल…"

ASHISH SHRIVASTAVA replied Aug 30, 2018 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-41 (विषय: आस्था)

638 Aug 31, 2018
Reply by योगराज प्रभाकर

"  कम शब्दों में अपनी बात कहकर आपने सावन का चित्र तो खींचा ही, महाकवि कालीदास के मेघद…"

ASHISH SHRIVASTAVA replied Aug 10, 2018 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-94

303 Aug 11, 2018
Reply by Samar kabeer

"  कम शब्दों में अपनी बात कहकर आपने सावन का चित्र तो खींचा ही, महाकवि कालीदास के मेघद…"

ASHISH SHRIVASTAVA replied Aug 10, 2018 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-94

303 Aug 11, 2018
Reply by Samar kabeer

"वाह! दोहों में शे’र पढ़ने जैसा आनंद है। हम भी सीखना चाहते हैं दोहे-गज़ल। आप सबको पढ़ते…"

ASHISH SHRIVASTAVA replied Aug 10, 2018 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-94

303 Aug 11, 2018
Reply by Samar kabeer

"बहुत ही करीने से गजल के जरिये आप अपनी बात कह जाते हैं, आपका ये हुनर हमें बार-बार ओबी…"

ASHISH SHRIVASTAVA replied Aug 10, 2018 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-94

303 Aug 11, 2018
Reply by Samar kabeer

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घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
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दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
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"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
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"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
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"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
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Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
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Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा एकादश. . . . . पतंग
"आदरणीय सुशील सरनाजी, पतंग को लगायत दोहावलि के लिए हार्दिक बधाई  सुघड़ हाथ में डोर तो,…"
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Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
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रवि भसीन 'शाहिद' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय Jaihind Raipuri जी,  अच्छी ग़ज़ल हुई। बधाई स्वीकार करें। /आयी तन्हाई शब ए…"
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