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vandana's Discussions (1,253)

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"मैं समझता था आदमी तुमकोपूछता हूँ कि डुगडुगी हो क्या। दर तुम्हारा नहीं तो और सहीएक उ…"

vandana replied Mar 29, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-45 (Now Closed)

1280 Mar 31, 2014
Reply by Saurabh Pandey

सदस्य टीम प्रबंधन

"वाह मैम एक बेहतरीन आयोजन ... भाग न ले पाने का मलाल रहता है किन्तु संकलित रचनाओं को प…"

vandana replied Mar 11, 2014 to ओबीओ लाइव महोत्सव अंक -41 की सभी रचनाएं एक साथ

12 Mar 13, 2014
Reply by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला

सदस्य टीम प्रबंधन

"बहुत अच्छी जानकारी आदरणीय इस बार कोशिश करके देखूंगी "

vandana replied Mar 4, 2014 to मुकरियाँ या कह-मुकरियाँ : इतिहास और विधान

95 Nov 1, 2015
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

सदस्य टीम प्रबंधन

"आदरणीय राणा  प्रताप सर इस संकलन हेतु आपको बहुत बहुत बधाई वास्तव में आपकी मेहनत नमन य…"

vandana replied Mar 2, 2014 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा अंक -44 में शामिल सभी ग़ज़लों का संकलन चिन्हित मिसरों के साथ

15 Apr 26, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

"खुल रही हैं ज़ह्नो-दिल की खिड़कियाँ रोशनी ही रौशनी होने लगी. बहुत बढ़िया ग़ज़ल आदरणीय "

vandana replied Feb 27, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-44

992 Feb 27, 2014
Reply by Saurabh Pandey

"रेत में जो गुम नदी होने लगी मछलियों में खलबली होने लगी   ओस की दो-चार बूँदें सोखकर न…"

vandana replied Feb 27, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-44

992 Feb 27, 2014
Reply by Saurabh Pandey

"उम्र  से  जब  षोडसी  होने लगी साँझ हर इक सुनहरी होने लगी | बहुत सुन्दर ग़ज़ल आदरणीय अ…"

vandana replied Feb 27, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-44

992 Feb 27, 2014
Reply by Saurabh Pandey

"आसमां में उगता सूरज देखकर खूबसूरत चांदनी रोने  लगी  चुभ रहे थे शूल बन कर आँख में ,…"

vandana replied Feb 27, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-44

992 Feb 27, 2014
Reply by Saurabh Pandey

"आप ज्ञान वरिष्ठ सदस्यों से कुछ सीख पाऊं यही मेरा सौभाग्य है आदरणीय "

vandana replied Feb 27, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-44

992 Feb 27, 2014
Reply by Saurabh Pandey

"आपकी संक्षिप्त टिप्पणी वाकई महत्वपूर्ण होती है आदरणीय हृदय से आभार "

vandana replied Feb 27, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-44

992 Feb 27, 2014
Reply by Saurabh Pandey

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"आ. भाई चेतन जी, उत्साहवर्धन व स्नेह के लिए आभार।"
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"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय "
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"आ.लक्ष्मणसिह धानी, 'मुसाफिर' साहब  खूबसूरत विषयान्तर ग़ज़ल हुई  ! हार्दिक …"
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"आ. भाई चेतन जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर मुक्तक हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"
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Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"ग़ज़ल   बह्र ए मीर लगता था दिन रात सुनेगा सब के दिल की बात सुनेगा अपने जैसा लगता था…"
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Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
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