For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Ravi Prabhakar's Discussions (922)

Discussions Replied To (796) Replies Latest Activity

"गोष्‍ठी का आयोजन बहुत ही धमाकेदार लघुकथा से करने के लिए शुभकामनाएं ।"

Ravi Prabhakar replied Nov 29, 2016 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-20 (विषय: तस्वीर का दूसरा रुख़)

676 Dec 1, 2016
Reply by rashmi tarika

"काफी समय बाद आपकी लघुकथा आयोजन में देखकर अति प्रसन्‍नता हुई। आप बेहतर लघुकथाकार हो,…"

Ravi Prabhakar replied Sep 30, 2016 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-18 (विषय: पर्दे के पीछे)

612 Sep 30, 2016
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"वाह बहुत बढ़ीया लघुकथा कही है आपने। कथा का प्रस्‍तुतिकरण बहुत प्रभावशाली है। लघुकथा…"

Ravi Prabhakar replied Sep 30, 2016 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-18 (विषय: पर्दे के पीछे)

612 Sep 30, 2016
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"आपकी लघुकथाओं की सबसे बड़ी विशिष्‍टता होती है दृश्‍य चित्रण । /"टिकट नहीं है साहब !"…"

Ravi Prabhakar replied Sep 30, 2016 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-18 (विषय: पर्दे के पीछे)

612 Sep 30, 2016
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"/अब बाप- बेटी दोनों खुश -खुश खाने का अभिनय कर रहे थे।/  बहुत उम्‍दा लघुकथा कही है आप…"

Ravi Prabhakar replied Sep 30, 2016 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-18 (विषय: पर्दे के पीछे)

612 Sep 30, 2016
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"आदरणीय विनय भाई जी लघुकथा में कालखंड है। सादर"

Ravi Prabhakar replied Sep 29, 2016 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-18 (विषय: पर्दे के पीछे)

612 Sep 30, 2016
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"कोई लंबी चौड़ी टिप्‍पणी नहीं । सिर्फ और सिर्फ 'वेलडन सुनील भाई।' नवीनता, मौलिकता और…"

Ravi Prabhakar replied Sep 29, 2016 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-18 (विषय: पर्दे के पीछे)

612 Sep 30, 2016
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"असली दुश्‍मन तो जयचंद प्रवृत्‍ति वाले लोग हैं। परदे के पीछे विषय को सार्थकता से परिभ…"

Ravi Prabhakar replied Sep 29, 2016 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-18 (विषय: पर्दे के पीछे)

612 Sep 30, 2016
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"/सड़क की तरफ खुलने वाली खिड़की कम्मो आजकल  कम ही खोलती थी  क्योंकि  उस तरफ दीवार पर चि…"

Ravi Prabhakar replied Sep 29, 2016 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-18 (विषय: पर्दे के पीछे)

612 Sep 30, 2016
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"आदरणीय तस्‍दीक अहमद जी । लघुकथा की शुरूआत /शहर के सुचना केंद्र हाल में आज अखिल भारती…"

Ravi Prabhakar replied Sep 29, 2016 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-18 (विषय: पर्दे के पीछे)

612 Sep 30, 2016
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

दोहा पंचक. . . .संयोग शृंगारअभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही…See More
15 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Friday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Thursday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Thursday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा एकादश. . . . . पतंग
"आदरणीय सुशील सरनाजी, पतंग को लगायत दोहावलि के लिए हार्दिक बधाई  सुघड़ हाथ में डोर तो,…"
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
Wednesday
Sushil Sarna posted blog posts
Tuesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service