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ASHISH SHRIVASTAVA's Discussions (161)

Discussions Replied To (161) Replies Latest Activity

"मुहावरे के उपयोग से आपने शिक्षा में सुधार के लिए जो रचना प्रस्तुत की है उसके लिए बधा…"

ASHISH SHRIVASTAVA replied Jul 14, 2018 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-93

265 Jul 14, 2018
Reply by Samar kabeer

"  अपनी करनी ढाँप कर दूजों पर आरोप भोली जनता को कहाँ आता है यह रास बहुत बढ़िया तुकबंदी…"

ASHISH SHRIVASTAVA replied Jul 14, 2018 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-93

265 Jul 14, 2018
Reply by Samar kabeer

"बहुत-बहुत शुक्रिया आली जनाब तस्दीक साहिब। आदाब। आपने तो लाजवाब कर दिया। यदि दिल गंवा…"

ASHISH SHRIVASTAVA replied Jul 13, 2018 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-93

265 Jul 14, 2018
Reply by Samar kabeer

"ध्यानाकर्षण के लिए धन्यवाद। दरअसल मृगतृष्णा का एक मतलब ये भी है कि ऐसी इच्छा है जो क…"

ASHISH SHRIVASTAVA replied Jul 13, 2018 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-93

265 Jul 14, 2018
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय पढ़कर मन आनंदित हो गया। बहुत सुंदर अभिव्यक्ति। बहुत ही सलीके से धाराप्रवाह रोच…"

ASHISH SHRIVASTAVA replied Jul 13, 2018 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-93

265 Jul 14, 2018
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय बबीता जी रचना प्रस्तुति पठनीय है, परंतु मेरी मंदबुद्धि से लग रहा है कि यदि इस…"

ASHISH SHRIVASTAVA replied Jul 13, 2018 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-93

265 Jul 14, 2018
Reply by Samar kabeer

"बहुत सुंदर अभिव्यक्ति से सजाया है आपने मृगतृष्णा शीर्षक को। ‘‘कितनी दीवारें फाँदी सच…"

ASHISH SHRIVASTAVA replied Jul 13, 2018 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-93

265 Jul 14, 2018
Reply by Samar kabeer

"महोदय/महोदया, आप सभी के आॅनलाइन कुशल मार्गदर्शन में लिखने का छोटा-सा प्रयास किया है।…"

ASHISH SHRIVASTAVA replied Jul 13, 2018 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-93

265 Jul 14, 2018
Reply by Samar kabeer

"कुचलें क्यों प्यारे जज्बातों को होने दें प्रेम की बातों को   न दिखावा धर्म का करें न…"

ASHISH SHRIVASTAVA replied Jul 13, 2018 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-93

265 Jul 14, 2018
Reply by Samar kabeer

"महोदय, समय और हम के समन्वय पर आपका उत्कृष्ट चिंतन प्रस्तुत रचना को बार-बार पढ़ने को व…"

ASHISH SHRIVASTAVA replied Jul 13, 2018 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-93

265 Jul 14, 2018
Reply by Samar kabeer

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आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
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Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183

आदरणीय साहित्य प्रेमियो, जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर…See More
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। संयोग शृंगार पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
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दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

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घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
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दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
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Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
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Sushil Sarna posted a blog post

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दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
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"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
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Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Feb 4

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