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SUMIT PRATAP SINGH
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पुढील स्टेशन (लघु कथा)

तेज लोकल में मध्यम ध्वनि गूँजी, “पुढील स्टेशन अँधेरी”.

“यार ये पुढील स्टेशन का मतलब पुलिस स्टेशन है क्या”? देव ने अजय से पूछा.

अजय बोला, “पता नहीं यार. मैंने कभी इस ओर ध्यान ही नहीं दिया”.

तभी उनके बगल में खड़ा एक लड़का बोला, “तुम साला भैया लोग यहाँ बस तो जाता है, लेकिन यहाँ का लैंग्वेज सीखने में तुम्हारा नानी मरता है”.

“ए छोकरा ये बातें नेता लोग…

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Posted on October 2, 2012 at 11:30am — 10 Comments

गिरगिट ( लघु कथा )



        चतुर चंद ने मोहल्ले के चबूतरे पर बैठकर प्रवचन देना आरंभ कर दिया था. वह गंभीरता का ढोंग धारण करते हुए बोले, “भक्त जनो! मानव के भीतर भिन्न-भिन्न प्रकार के जीवों का वास है.” …



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Posted on August 9, 2012 at 12:00pm — 2 Comments

एक पत्र रक्त देवता के नाम

प्यारे रक्त देवता

सादर जीवनदानस्ते!

आपके जीवनदायिनी रूप को नमन करते हुए पत्र प्रारम्भ करता हूँ। अब आप सोचते-सोचते अपना सिर खुजा रहे होंगे, कि आपको इस तुच्छ प्राणी ने भला देवता क्यों कह दिया? देखिए मैं भारत देश का वासी हूँ और यहाँ जगह-जगह थान बनाकर और हर ऐरे-गैरे नत्थू खैरे की मज़ार बनाकर जब पूजा व सिज़दा किया जा सकता है, तो आपको देवता के…

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Posted on June 19, 2012 at 12:26pm — 6 Comments

यात्रा संस्मरण: लुटेरे हैं दरबारी पहाड़ों वाली के

दाएँ से पिंडी रूप में माँ काली, माँ वैष्णो व माँ सरस्वती

      माँ वैष्णों देवी…

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Posted on June 17, 2012 at 5:00pm — 6 Comments

Comment Wall (3 comments)

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At 9:01pm on September 4, 2013, annapurna bajpai said…

आपकी प्रोफाइल देख कर लगता है की आप ही मुझसे पुराने है यहाँ , परंतु आपको अभी तक  नहीं पाया । 

At 8:58pm on September 4, 2013, annapurna bajpai said…

पहले तो आपका ओ बी ओ परिवार मे स्वागत है , मै यहाँ काफी समय से हूँ आपने कब ज्वाइन किया । 

At 11:18am on November 30, 2011, Admin said…

 
 
 

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काश कहीं से मिल जाती इक जादू की हाथ घड़ी (ग़ज़ल)

काश कहीं से मिल जाती इक जादू की हाथ घड़ीमैं दस साल घटा लेता तू होती दस साल बड़ीमाथे से होंठों तक का…See More
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ग़ज़ल- रोज़ सितम वो ढाते देखो हम बेबस बेचारों पर

रोज़ सितम वो ढाते देखो हम बेबस बेचारों परकोई अंकुश नहीं लगाता इन सरमाया दारों पर।मजदूरों का जीवन…See More
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"आ. भाई विजय शंकर जी, सादर अभिवादन । अच्छी कवितायें हुई हैं।हार्दिक बधाई ।"
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रवि भसीन 'शाहिद' commented on सालिक गणवीर's blog post ग़ज़ल ( उकता गया हूँ इनसे मेरे यार कम करो....)
"आदरणीय सालिक गणवीर साहिब, आपको इस ग़ज़ल के लिए बहुत बधाई! आपकी कलम चल रही है, सो यूँ ही चलाते रहिये -…"
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रवि भसीन 'शाहिद' commented on सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s blog post ग़ज़ल -पुराने गाँव की अब भी कहानी याद है हमको
"आदरणीय सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' साहिब, वाह वाह! सात अशआर में आपने गुज़रे हुए ज़माने…"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Neeta Tayal's blog post रोटी
"आ. नीता जी, सादर अभिवादन । एक अच्छी रचना के लिए हार्दिक बधाई । साथ ही निवेदन है कि अन्य रचनाकारों…"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s blog post ग़ज़ल -पुराने गाँव की अब भी कहानी याद है हमको
"आ. भाई सुरेंद्र नाथ जी, सादर अभिवादन । उत्तम गजल हुई है । हार्दिक बधाई ।"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post तेरे ख्वाहिशों के शह्र में- लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'(गजल)
"आ. भाई अमीरुद्दीन जी, सादर अभिवादन । गजल पर उपस्थिति सराहना व सलाह के लिए हार्दिक आभार । जहाँ तक…"
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